आसमान में दोहरी आपात स्थिति: फ्यूल संकट और खराब मौसम से जयपुर बना ‘सेफ लैंडिंग हब’
दिल्ली-भुवनेश्वर यात्री विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, बेंगलुरु-दिल्ली कार्गो फ्लाइट भी डायवर्ट—सुरक्षा व्यवस्था ने संभाला मोर्चा
अनन्य सोच। बुधवार को जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अचानक दो अलग-अलग हवाई आपात स्थितियों का केंद्र बन गया, जब एक यात्री विमान और एक कार्गो फ्लाइट को मजबूरी में यहां उतारना पड़ा। घटनाओं ने कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर हलचल बढ़ा दी, लेकिन सतर्कता और सुरक्षा मानकों के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
पहली घटना में एयर इंडिया एक्सप्रेस की दिल्ली से भुवनेश्वर जा रही फ्लाइट को फ्यूल कम होने की सूचना के बाद बीच रास्ते जयपुर डायवर्ट किया गया। विमान ने दिल्ली से उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही एहतियातन जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग की। इस दौरान यात्रियों में चिंता का माहौल जरूर बना, लेकिन पायलट की सूझबूझ और त्वरित निर्णय ने बड़ी समस्या को टाल दिया। प्रारंभिक जानकारी में फ्यूल की कमी को कारण बताया गया, हालांकि तकनीकी खराबी की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। फिलहाल इंजीनियरिंग टीम विमान की जांच में जुटी है और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
दूसरी ओर, बेंगलुरु से दिल्ली जा रही क्विक जेट एयरलाइन की कार्गो फ्लाइट को भी खराब मौसम और एयर ट्रैफिक कंजेशन के कारण जयपुर डायवर्ट करना पड़ा। दिल्ली एयरस्पेस में लैंडिंग की अनुमति न मिलने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने एहतियातन विमान को जयपुर भेजा, जहां उसे सुरक्षित रूप से उतारा गया। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद विमान को स्टैंड पर रखा गया और मौसम में सुधार होते ही उसे दोबारा दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया।
दोनों घटनाओं ने यह साबित कर दिया कि जयपुर एयरपोर्ट आपात स्थितियों में एक विश्वसनीय ‘सेफ लैंडिंग हब’ के रूप में उभर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल एटीसी समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के कारण ऐसे हालातों को सुरक्षित तरीके से संभालना संभव हो पाया।