जयपुर में टैक्स सख्ती: मैरियट-रमाडा पर निगम का बड़ा एक्शन, 2 घंटे में जमा हुए करोड़ों
19 साल से लंबित यूडी टैक्स पर कार्रवाई, सीलिंग के बाद हरकत में आया होटल मैनेजमेंट
अनन्य सोच। राजधानी जयपुर में नगर निगम ने बकाया यूडी टैक्स को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को शहर के दो बड़े होटल ग्रुप—मैरियट और रमाडा—पर बड़ी कार्रवाई की। जैसे ही निगम की रेवेन्यू टीम ने संपत्तियों को सील किया, होटल प्रबंधन में हड़कंप मच गया और महज 2 घंटे के भीतर करोड़ों रुपए का बकाया टैक्स जमा करवा दिया गया। इसके बाद निगम ने सील की गई संपत्तियों को खोल दिया।
मालवीय नगर जोन क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के तहत जवाहर सर्किल के पास स्थित मैरियट होटल पर सबसे पहले शिकंजा कसा गया। यहां 5.97 करोड़ रुपए का यूडी टैक्स बकाया होने के चलते होटल के बाहर बने लग्जरी कार शोरूम और एक रेस्टोरेंट को कुर्क कर सील कर दिया गया। यह कार्रवाई होते ही होटल प्रबंधन सक्रिय हुआ और बकाया राशि जमा करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
इसी क्रम में राजापार्क स्थित होटल रमाडा पर भी निगम की टीम ने कार्रवाई की। इस होटल ग्रुप पर 1.36 करोड़ रुपए का यूडी टैक्स बकाया था। टीम ने यहां भी कुछ संपत्तियों को सील कर दिया, जिससे होटल प्रबंधन पर दबाव बना और जल्द ही भुगतान की पहल की गई।
मालवीय नगर जोन के उपायुक्त मुकुट सिंह के अनुसार, दोनों होटल ग्रुप के प्रतिनिधि करीब 2 घंटे के भीतर निगम कार्यालय पहुंचे और बकाया टैक्स का चेक जमा करवाया। इसके बाद नियमानुसार सील की गई संपत्तियों को खोल दिया गया।
राजस्व अधिकारी पवन मीणा ने बताया कि मैरियट होटल से जुड़े कार शोरूम और रेस्टोरेंट द्वारा वर्ष 2007 से यूडी टैक्स जमा नहीं करवाया जा रहा था, जबकि उन्हें कई बार नोटिस दिए गए थे। वहीं रमाडा होटल का मामला लंबे समय से विवादित था, जहां प्रबंधन औद्योगिक दर से टैक्स देना चाहता था, जबकि निगम ने इसे व्यावसायिक श्रेणी में रखते हुए डिमांड जारी की थी।
यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि नगर निगम अब बकाया टैक्स मामलों में किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।