अनशन की तपिश में बिगड़ी सेहत: जेसीटीएसएल कर्मचारी अस्पताल में भर्ती, संघर्ष हुआ और तेज
छठे दिन भी जारी आमरण अनशन—मांगों पर चुप प्रबंधन, यूनियन ने दी चक्का जाम की चेतावनी
अनन्य सोच। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) के लो-फ्लोर बस कर्मचारियों का आमरण अनशन अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। (JCTSL, Jaipur Transport) छठे दिन भी जारी इस आंदोलन के बीच एक कर्मचारी की तबीयत बिगड़ने से हालात और चिंताजनक हो गए हैं। (Bus Employees) कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं कर रहा, जिससे असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
(Hunger Strike) अनशन पर बैठे कर्मचारी मनीष श्रीमाली की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत खराब हो गई। स्थिति बिगड़ने पर साथी कर्मचारियों और यूनियन प्रतिनिधियों ने तुरंत उन्हें कांवटिया अस्पताल में भर्ती कराया। (Health Issue) फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद आंदोलनकारी कर्मचारियों में आक्रोश और बढ़ गया है।
इंटक यूनियन के अध्यक्ष रामकुंवार विश्नोई ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें लंबे समय से उपेक्षित हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक संवाद नहीं हो रहा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो कर्मचारी कार्यबहिष्कार और चक्का जाम जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे।
यूनियन का कहना है कि अगर स्थिति इसी तरह बनी रही तो इसका सीधा असर शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर पड़ेगा। बस सेवाएं प्रभावित होने से आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी जेसीटीएसएल प्रबंधन की होगी।
यह घटनाक्रम न केवल कर्मचारियों की पीड़ा को उजागर करता है, बल्कि शहर की सार्वजनिक सेवाओं की स्थिरता पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन और प्रबंधन इस संवेदनशील स्थिति को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक इसका समाधान निकलता है।