‘माटी के लाल’ को मिला सम्मान: डबल इंजन सरकार की योजनाएं बना रहीं सर्वजन उत्थान का मजबूत आधार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा—माटी कला से जुड़े शिल्पकार विकसित राजस्थान के निर्माणकर्ता, कल्याण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध
अनन्य सोच। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य की डबल इंजन सरकार हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने माटी कला को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि इससे जुड़े शिल्पकार ‘माटी के लाल’ हैं, जो विकसित राजस्थान के सच्चे निर्माणकर्ता हैं। राज्य सरकार इन कारीगरों के आर्थिक, सामाजिक और कौशल विकास के लिए पूरी तरह कृतसंकल्पित है।
शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर कुम्हार, कुमावत और प्रजापत समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बजट घोषणाओं और समाज हित में किए जा रहे कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के अनुरूप माटी कला से जुड़े लोगों की समस्याओं के समाधान और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिल्पकारों और कामगारों की सामाजिक सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत बढ़ई, मूर्तिकार, कुम्हार, राजमिस्त्री सहित 18 प्रकार के दस्तकारों को मात्र 5 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2025 तक इस योजना के तहत 2 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रशिक्षण और 53 हजार से अधिक को ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है।
इसके साथ ही श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स और लोक कलाकारों के लिए मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना लागू की गई है, जिसके तहत 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर 3 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए मासिक सहायता राशि बढ़ाकर 3,250 रुपये कर दी गई है।
माटी कला के संवर्धन के लिए राज्य सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि माटी कला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, वहीं माटी कला बोर्ड के माध्यम से 1,350 कारीगरों को निशुल्क इलेक्ट्रिक चाक और मिट्टी गूंथने की मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। डूंगरपुर में 9 करोड़ रुपये की लागत से शिल्पग्राम विकसित करने की भी स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने युवाओं को कौशल विकास के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अब तक लगभग साढ़े 3 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत करीब 2 लाख युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर प्रदान किया जा रहा है। साथ ही, 144 राजकीय आईटीआई में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए हैं।
कार्यक्रम में पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत और श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक ने भी सरकार की योजनाओं की सराहना की। इस अवसर पर ‘माटी राजस्थान री’ पुस्तक का विमोचन किया गया तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाज के प्रतिभाशाली लोगों को ‘माटी के लाल’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।