‘दर्शनम आर्ट फ़ेस्टिवल’ में खिले पिछवाई कला के रंग

होटल फ़ेयरमोंट में तीन दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारम्भ, निशुल्क पिछवाई वर्कशॉप आकर्षण का केंद्र

Sep 6, 2025 - 07:46
Sep 7, 2025 - 09:57
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‘दर्शनम आर्ट फ़ेस्टिवल’ में खिले पिछवाई कला के रंग

Ananya soch: Darshanam Art Festival

अनन्य सोच। जयपुरवासियों को शहर के आराध्य गोविंद देव जी का अलौकिक श्रृंगार इस बार पिछवाई कला की भव्यता में देखने को मिला। कूकस स्थित होटल फ़ेयरमोंट में शुक्रवार से शुरू हुए ‘दर्शनम आर्ट फ़ेस्टिवल’ का उद्घाटन राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव आईएएस राजेश यादव ने किया. 

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में शुभारम्भ

शो के उद्घाटन अवसर पर गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में दर्शनम आर्ट गैलरी से अभिनव बंसल व विजेंद्र बंसल, रघुकुल ट्रस्ट से साधना गर्ग, प्रसिद्ध होटलियर जुही शर्मा और फ़ेयरमोंट जयपुर के जीएम रजत सेठी मौजूद रहे. 

लाइव पिछवाई वर्कशॉप बनी आकर्षण

उद्घाटन दिवस पर आयोजित प्रीव्यू कार्यक्रम में दर्शकों ने लाइव पिछवाई वर्कशॉप का आनंद लिया. कलाकार महेंद्र शर्मा, रामकृष्ण वर्मा, रतन बूंकर और भंवर जी ने उपस्थित गणमान्यों को पिछवाई कला की बारीकियां, ब्रश स्ट्रोक्स और रंग संयोजन की कला सिखाई. 

विष्णु अवतारों और श्रृंगार की छटा

तीन दिवसीय प्रदर्शनी में 40 से अधिक कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया. इनमें गोविंद देव जी के श्रृंगार के साथ ‘गणेश विवाह’, ‘विष्णु अवतार’, ‘अर्धनारेश्वर’ और श्रीनाथ जी के 24 स्वरूपों जैसे – ‘महारास’, ‘मुखारबिंद’, ‘शरद पूर्णिमा’, ‘दान लीला’ आदि कृतियों ने दर्शकों को मोहित किया. 
ये सभी कलाकृतियाँ 100 वर्ष से अधिक पुराने म्यूज़ियम कलेक्शन का हिस्सा हैं, जिन्हें प्राकृतिक पत्थर रंगों, चांदी और सोने से सजाया गया है. 

पिछवाई कला को पुनर्जीवित करने का प्रयास

विजेंद्र बंसल ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य मरती हुई पिछवाई कला को जीवित करना और कलाकारों को सहयोग देना है. उन्होंने कहा – “हम आने वाली पीढ़ी को इस कला की बारीकियों से जोड़ना चाहते हैं. 

7 सितम्बर तक प्रदर्शनी जारी

यह आर्ट फ़ेस्टिवल 7 सितम्बर तक चलेगा. इसमें आने वाले दर्शकों को निशुल्क पिछवाई वर्कशॉप का अवसर भी मिलेगा, ताकि वे खुद इस अद्भुत कला शैली का अनुभव कर सकें.