हॉर्मुज़ संकट के बीच बड़ी राहत: 15 जहाज़ों ने पार किया खतरनाक जलडमरूमध्य, अब किसानों के लिए नहीं होगी खाद की कमी

JP Nadda ने PM मोदी की रणनीति को सराहा, 28 भारतीय दूतावासों ने निभाई अहम भूमिका; जानें कैसे भारत ने संभाला पश्चिम एशिया संकट का सामना

Jul 5, 2026 - 22:16
Jul 5, 2026 - 22:25
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हॉर्मुज़ संकट के बीच बड़ी राहत: 15 जहाज़ों ने पार किया खतरनाक जलडमरूमध्य, अब किसानों के लिए नहीं होगी खाद की कमी

अनन्य सोच । पश्चिम एशिया में मचे संघर्ष के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। उर्वरक और कच्चा माल लेकर आ रहे कुल 15 जहाज़ सुरक्षित रूप से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इन जहाजों के भारतीय तटों पर पहुंचते ही देश के फर्टिलाइजर स्टॉक में जबरदस्त इजाफा होने वाला है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

केंद्रीय रासायनिक एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने इस मौके पर एक दिलचस्प खुलासा किया। उनके मुताबिक, पश्चिम एशिया संकट के चलते पूरी दुनिया की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई थी और उर्वरकों की कीमतें आसमान छूने लगी थीं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार शुरू से ही सतर्क थी, जिसकी वजह से आज देश का इंपोर्ट और घरेलू उत्पादन दोनों ही बेहद मजबूत स्थिति में हैं।

सबसे रोचक बात यह रही कि इस पूरे संकट को संभालने में विदेशों में मौजूद 28 भारतीय मिशनों ने बड़ी भूमिका निभाई। इन दूतावासों ने नए सप्लायर्स ढूंढने में सरकार की मदद की, जिसके बाद यूरिया के लिए ओमान, मलेशिया, वियतनाम, रूस, फिनलैंड, मिस्र, तुर्की सहित कई देशों से नई डील की गई। वहीं DAP और NPK के लिए रूस, मोरक्को, अमेरिका, साउथ कोरिया और सऊदी अरब से सप्लाई चेन मजबूत की गई।

घरेलू मोर्चे पर भी जबरदस्त कामयाबी मिली है। उर्वरक प्लांट्स के लिए नेचुरल गैस की सप्लाई, जो कभी घटकर सिर्फ 65% रह गई थी, उसे अब पूरी तरह 100% कर दिया गया है। नतीजा यह हुआ कि अप्रैल-जून तिमाही में यूरिया का उत्पादन 67.86 LMT के टारगेट के मुकाबले 71.55 LMT रहा। इसी तरह DAP उत्पादन भी 8.61 LMT के लक्ष्य से बढ़कर 9.84 LMT तक पहुंच गया।

सबसे बड़ी बात यह है कि सालभर की 383.9 लाख मीट्रिक टन जरूरत के मुकाबले देश में अभी 197.56 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा उर्वरक भंडार सुरक्षित हो चुका है, जो कुल जरूरत का 51% से ज्यादा है। नड्डा ने भरोसा दिलाया कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद सरकार ने किसानों पर कोई आंच नहीं आने दी और आगे भी उर्वरकों की समय पर और किफायती उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।