केक से लेकर बिजनेस तक — फौजी परिवारों की महिलाओं ने 5 दिन में सीखा ऐसा हुनर, अब खोलेंगी अपनी बेकरी
पांच दिन, एक ओवन और ढेर सारे सपने... जयपुर में आर्मी वाइव्स की 25 से ज्यादा महिलाओं ने बेकिंग सीखी और साथ ही सीख लिया आत्मनिर्भर बनने का हुनर। वर्कशॉप खत्म होते-होते कई महिलाओं ने ले लिया एक बड़ा फैसला। जानिए पूरी कहानी।
अनन्य सोच। फिक्की फ्लो जयपुर (FICCI FLO Jaipur) ने आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) के सहयोग से 20 से 24 जुलाई 2026 तक पांच दिवसीय बेकरी वर्कशॉप (Bakery Workshop) का सफल आयोजन किया। इस कार्यशाला का मकसद था महिलाओं को व्यावहारिक बेकिंग कौशल सिखाना, उन्हें स्वरोजगार (Self-Employment) के लिए प्रेरित करना और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाना।
पांच दिनों तक चली इस कार्यशाला में 25 से अधिक एडब्ल्यूडब्ल्यूए महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रसिद्ध बेकिंग एक्सपर्ट विनीता सोमानी की देखरेख में प्रतिभागियों ने केक, कपकेक, ब्राउनी, पिज़्ज़ा, होममेड ब्रेड और बन्स जैसे कई बेकरी प्रोडक्ट्स बनाना सीखा। इतना ही नहीं, उन्हें बेकिंग की मॉडर्न तकनीकें, प्रेजेंटेशन और प्रोफेशनल क्वालिटी के प्रोडक्ट तैयार करने के खास टिप्स भी बताए गए।
इस मौके पर फिक्की फ्लो जयपुर की चेयरपर्सन (2026–27) वृंदा कोठारी ने कहा कि महिलाओं को स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग (Skill-Based Training) देना उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उनके अनुसार, ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को अपनी छिपी प्रतिभा पहचानने, आत्मविश्वास बढ़ाने और उद्यमिता (Entrepreneurship) की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं।
लेकिन असली कमाल तब हुआ जब वर्कशॉप के आखिरी दिन कई प्रतिभागियों ने अपना खुद का होम-बेस्ड और ऑनलाइन बेकरी बिजनेस (Home Bakery Business) शुरू करने की इच्छा जताई। यानी पांच दिन की यह ट्रेनिंग सिर्फ रेसिपी सिखाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई महिलाओं के लिए एक नई शुरुआत का जरिया बन गई।
विनीता सोमानी ने पूरी वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों को बेकिंग की बारीकियां, प्रैक्टिकल तकनीकें और अपने अनुभवों से जुड़े अहम सुझाव दिए, जिससे महिलाओं ने न सिर्फ नई रेसिपीज़ सीखीं बल्कि इन्हें बिजनेस में बदलने की प्रेरणा भी पाई।
फिक्की फ्लो जयपुर का यह प्रयास महिलाओं के स्किल डेवलपमेंट, उद्यमिता और आर्थिक सशक्तिकरण (Economic Empowerment) की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। संस्था आगे भी ऐसे कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम जारी रखेगी।