असली या नकली? जयपुर के सीतापुरा सेज में अब मशीन से खुलेगा सोने-हीरे की मिलावट का हर राज

सोना खरीदते वक्त मन में हमेशा एक सवाल रहता है — असली है या नकली? अब इस सवाल का जवाब मशीन देगी। जयपुर के सीतापुरा सेज में जल्द ही ऐसी अत्याधुनिक मशीनें लगने वाली हैं, जो सोने की शुद्धता से लेकर लैब में बने नकली हीरे तक की पोल खोल देंगी। जानिए पूरा मामला।

Jul 24, 2026 - 16:06
Jul 24, 2026 - 16:09
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असली या नकली? जयपुर के सीतापुरा सेज में अब मशीन से खुलेगा सोने-हीरे की मिलावट का हर राज

अनन्य सोचरीको (Rajasthan State Industrial Development and Investment Corporation) के सीतापुरा स्थित विशेष आर्थिक क्षेत्र (Special Economic Zone) प्रथम एवं द्वितीय में अब सोने एवं हीरे के आभूषणों की गुणवत्ता जांच के लिए अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। रीको द्वारा दोनों सेज के लिए दो-दो कैरेट मीटर (Carat Meter), एक्स-रे मशीन (X-Ray Machine) तथा सिंथ डिटेक्ट मशीन (Synth Detect Machine) खरीदी जाएंगी, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 1.83 करोड़ रुपये है। जल्द ही मशीनों की खरीद एवं स्थापना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

दरअसल, भारत सरकार द्वारा लंबे समय से इन मशीनों को लगवाने की मांग की जा रही थी, ताकि उत्पादों की प्रभावी जांच, सोने की शुद्धता का परीक्षण तथा प्राकृतिक और लैब-ग्रोन (कृत्रिम) हीरों की सटीक पहचान संभव हो सके — क्योंकि नकली हीरे असली के नाम पर बाजार में खपाए जाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

सीतापुरा सेज प्रदेश के प्रमुख रत्न एवं आभूषण निर्यात केंद्रों (Gem and Jewellery Export Hub) में शामिल है। वर्तमान में सेज-1 में 33 तथा सेज-2 में 119 इकाइयां संचालित हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दोनों सेज से करीब 8,565 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जबकि सेज में कुल निवेश 294 करोड़ रुपये है। दोनों सेज मिलाकर लगभग 39,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार दे रहे हैं।

आधुनिक जांच सुविधाओं के उपलब्ध होने से स्वर्ण एवं हीरा-आभूषणों की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, साथ ही राज्य के राजस्व हितों की भी बेहतर सुरक्षा हो सकेगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत भूमि हस्तांतरण होगा आसान

राज्य सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) फोकस के तहत रीको ने सीतापुरा सेज की इकाइयों को बड़ी राहत दी है। अब नाम परिवर्तन, शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बदलाव, बिजनेस ट्रांसफर, विलय (Merger), डी-मर्जर (Demerger), पुनर्गठन (Reorganization) तथा कंपनी में निदेशकों में बदलाव आसानी से हो सकेंगे। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप रीको ने ये प्रावधान रीको डिस्पोज़ल ऑफ लैंड रूल्स, 1979 में शामिल किए हैं। इससे उद्यमियों को नए निवेशक व साझेदार लाने में आसानी होगी और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।