“संक्रमण” ने झकझोरा मन: एकल नाटक में पीढ़ियों के टकराव और रिश्तों की गहराई का सशक्त चित्रण
आरआईसी में भावनात्मक प्रस्तुति ने दर्शकों को सोचने पर किया मजबूर
अनन्य सोच। Rajasthan International Centre के मुख्य सभागार में सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को एकल नाटक “संक्रमण” का प्रभावशाली मंचन हुआ। मनोहर तेली द्वारा निर्देशित और प्रस्तुत इस नाटक ने अपनी गहरी संवेदनाओं और सशक्त अभिनय के जरिए दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
दो पीढ़ियों के बीच संघर्ष की मार्मिक कहानी
प्रख्यात साहित्यकार कमतानाथ की रचना “संक्रमण” में पिता और पुत्र के बीच वैचारिक टकराव को बेहद संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया गया है। जहां पिता अपने संघर्षों और पारंपरिक मूल्यों को अहम मानते हैं, वहीं पुत्र बदलते समय के साथ उन मान्यताओं पर सवाल उठाता है। इस पूरे संघर्ष के बीच माँ एक संतुलनकारी भूमिका निभाते हुए परिवार को जोड़े रखने की कोशिश करती है।
मोनोलॉग शैली में प्रभावशाली मंचन
इस नाटक की खासियत इसका सरल लेकिन प्रभावशाली मंचन रहा। मोनोलॉग शैली में प्रस्तुत इस प्रस्तुति में मनोहर तेली ने अभिनय, संवाद अदायगी और भावनात्मक गहराई का शानदार समन्वय दिखाया। उनकी आवाज़ के उतार-चढ़ाव और भाव-भंगिमाओं ने दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखा।
न्यूक्लियर परिवार की जटिलताओं को किया उजागर
“संक्रमण” ने आधुनिक न्यूक्लियर परिवार की जटिलताओं, भावनात्मक दूरी और आंतरिक द्वंद्व को सजीव रूप में सामने रखा। दर्शकों ने इस प्रस्तुति से गहरा जुड़ाव महसूस किया और सामाजिक परिवर्तनों पर विचार करने को प्रेरित हुए।
कला संध्या में प्रदर्शनी का भी आकर्षण
कार्यक्रम के साथ ही आरआईसी की नई आर्ट गैलरी में 50 पेंटिंग्स की प्रदर्शनी एवं बिक्री का आयोजन भी किया गया, जिसने इस सांस्कृतिक संध्या को और अधिक समृद्ध बना दिया।