‘युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ नाटक ने दर्शकों को किया भावविभोर
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे बोले— राष्ट्र को जोड़ने वाली डॉ. हेडगेवार की सोच आज भी प्रेरणादायी
अनन्य सोच। जयपुर के बिड़ला सभागार में शनिवार शाम नागपुर की सांस्कृतिक संस्था “नाद ब्रह्म” द्वारा मंचित नाटक ‘युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ ने दर्शकों को राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और संगठन की भावना से जोड़ दिया। डॉ. हेडगेवार के जीवन और विचारों पर आधारित इस नाट्य प्रस्तुति को देखने के लिए राजस्थान के राज्यपाल Haribhau Bagde विशेष रूप से पहुंचे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री Diya Kumari भी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम से पूर्व आयोजित संबोधन में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि राष्ट्र केवल भू-भाग नहीं, बल्कि एक विचार, संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि Keshav Baliram Hedgewar ने राष्ट्रवादी सोच को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया और समाज को संगठित करने की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
उन्होंने डॉ. हेडगेवार के जीवन से जुड़े कई प्रसंग साझा करते हुए कहा कि उनके लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। विजयादशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना का उद्देश्य समाज में अनुशासन, समानता और देशभक्ति की भावना विकसित करना था। राज्यपाल ने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने जाति-पांति का हमेशा विरोध किया और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का संदेश दिया।
नाटक में डॉ. हेडगेवार के जीवन संघर्ष, विचारधारा और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया गया। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुति और संवादों की खूब सराहना की। राज्यपाल ने “नाद ब्रह्म” संस्था की इस पहल को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि यह प्रस्तुति नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच देने वाली है।