Ajmer में बनेगा 147 करोड़ का Gas Insulated 132 केवी GSS, देवनानी ने जमीन विकल्पों का किया निरीक्षण

अजमेर में 147 करोड़ रुपये की लागत से गैस आधारित 132 केवी जीएसएस बनेगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हाथीभाटा, टीटी कॉलेज और जयपुर रोड की जमीनें देखीं।

Oct 12, 2026 - 08:58
Oct 12, 2026 - 09:01
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Ajmer में बनेगा 147 करोड़ का Gas Insulated 132 केवी GSS, देवनानी ने जमीन विकल्पों का किया निरीक्षण
अजमेर में प्रस्तावित गैस आधारित 132 केवी जीएसएस के लिए भूमि निरीक्षण करते विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और अधिकारी।

अनन्य सोच । अजमेर शहर को विद्युत क्षेत्र में मजबूत बनाने की दिशा में गैस आधारित 132 केवी सब-स्टेशन (GSS) के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। राज्य सरकार के बजट में की गई घोषणा के क्रियान्वयन के लिए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शहर के संभावित क्षेत्रों का दौरा किया और भूमि के विभिन्न विकल्पों का निरीक्षण किया।

Land Inspection: तीन जगहों का अवलोकन

देवनानी ने हाथीभाटा पावर हाउस, टीटी कॉलेज और जयपुर रोड स्थित जमीनों को देखा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जमीनों की तकनीकी उपयुक्तता, भौगोलिक स्थिति और ग्रिड स्थापना की संभावनाओं पर चर्चा की। भूमि चयन के बाद परियोजना पर जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में बताई गई हैं।

147 करोड़ की लागत, 50 साल की जरूरतों का Design

यह अत्याधुनिक सब-स्टेशन करीब 147 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। अभी अजमेर शहर को बिजली आपूर्ति शहर के बाहरी इलाकों में बने जीएसएस से होती है, जिससे कई बार तकनीकी बाधाओं और लंबी ट्रांसमिशन लाइनों की समस्या आती है। नया सब-स्टेशन शहर की बिजली आपूर्ति के लिए मजबूत सहारा बनेगा। परियोजना को अगले 50 वर्षों की जरूरतों, बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है, ताकि बिजली संकट या Low Voltage जैसी समस्याएं न हों। गैस आधारित तकनीक के कारण यह कम जगह में अधिक क्षमता से काम करेगा।

Officials को निर्देश और संभावित लाभ

देवनानी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को तय समय सीमा में सभी तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड और अजमेर विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी व अभियंता मौजूद रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भूमि चयन और परियोजना का क्रियान्वयन पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समय पर होगा। परियोजना से घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों को निर्बाध व स्थिर बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।