Gurugram में CAQM की Inspection Drive: Road Dust और C&D Waste के 258 Violations मिले

CAQM ने गुरुग्राम में 52 सड़क खंडों का निरीक्षण कर Road Dust और C&D Waste के 258 उल्लंघन पाए। एजेंसियों को कार्रवाई के निर्देश, अनुपालन न होने पर Prosecution की चेतावनी।

Oct 15, 2026 - 23:48
Oct 15, 2026 - 23:49
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Gurugram में CAQM की Inspection Drive: Road Dust और C&D Waste के 258 Violations मिले

अनन्य सोच । वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 14 अक्टूबर 2026 को गुरुग्राम में विशेष Inspection Drive चलाई। इसका उद्देश्य सड़कों पर दिखाई देने वाली धूल और Road Cleaning व Sweeping कार्यों की प्रभावशीलता का आकलन करना था। यह अभियान Delhi-NCR में Air Pollution घटाने के लिए Dust Control उपायों को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है।

258 उल्लंघन, MCG और GMDA क्षेत्र में

निरीक्षण में सड़कों पर अत्यधिक धूल और निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे के जमाव से जुड़े कुल 258 उल्लंघन मिले। इसके अलावा कुछ सड़क खंडों पर क्षतिग्रस्त फुटपाथ और गड्ढे भी पाए गए। इनमें 174 उल्लंघन गुरुग्राम नगर निगम (MCG) और 84 गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के अधिकार क्षेत्र वाली सड़कों पर मिले।

4 Flying Squads, 104 किलोमीटर सड़क की जांच

आयोग ने निरीक्षण के लिए 4 Flying Squads तैनात किए। अभियान में कुल 52 सड़क खंडों की करीब 104 किलोमीटर लंबाई जांची गई, जिनमें लगभग 56 किलोमीटर MCG और 48 किलोमीटर GMDA के अंतर्गत है। जांचे गए इलाकों में पालम विहार, पेस सिटी-I और II, सिकंदरपुर, महरौली-गुरुग्राम रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे, दौलताबाद रोड और धरमपुर रोड के साथ कई सेक्टर शामिल थे।

धूल क्यों बढ़ाती है प्रदूषण

आयोग ने कहा कि नियमित और प्रभावी Road Sweeping से सड़क की धूल नियंत्रित होती है और वाहनों के गुजरने से उसका दोबारा उड़ना रुकता है। धूल और C&D कचरे का जमाव, साथ ही टूटे फुटपाथ और गड्ढे, धूल पैदा करने और उसके दोबारा उड़ने में योगदान देते हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ता है।

एजेंसियों को निर्देश और चेतावनी

MCG, GMDA और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करें और सड़कों को नियमित सफाई, जमा धूल व C&D कचरा हटाकर धूल रहित रखें। आयोग ने स्पष्ट किया कि अनुपालन न होने पर कानून के अनुसार अभियोजन सहित सख्त कार्रवाई की जा सकती है। Delhi-NCR में जमीनी स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण उपायों की जांच के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।