अवैध शराब के खिलाफ प्रदेशभर में बड़ा एक्शन
विशेष निरोधात्मक अभियान में 290 गिरफ्तार, 906 मामले दर्ज 2.36 लाख लीटर वॉश नष्ट, करोड़ों की अवैध शराब जब्त
अनन्य सोच। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशानुसार प्रदेशभर में अवैध मदिरा निर्माण, भंडारण, परिवहन और विक्रय पर प्रभावी रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत आबकारी विभाग द्वारा लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है। अभियान के अंतर्गत नाकाबंदी, गश्त और दबिश देकर अवैध शराब कारोबारियों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
9 दिनों में 906 अभियोग, 290 आरोपी गिरफ्तार
1 से 9 मई 2026 तक चले अभियान में प्रदेशभर में कुल 906 अभियोग दर्ज किए गए तथा 290 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 10 लाख 19 हजार रुपए मूल्य की 3799 लीटर देशी शराब, 9 लाख 24 हजार 500 रुपए मूल्य की 926 लीटर भारत निर्मित विदेशी शराब, 3 लाख 18 हजार 660 रुपए मूल्य की 1443 लीटर बीयर तथा 6255 लीटर हथकड़ शराब जब्त की गई।
इसके अतिरिक्त प्रदेशभर में अवैध शराब निर्माण में प्रयुक्त 2 लाख 36 हजार 282 लीटर वॉश नष्ट किया गया। अभियान के दौरान 8 बड़े वाहन, 2 हल्के चार पहिया वाहन तथा 23 दुपहिया वाहन सहित कुल 33 वाहन भी जब्त किए गए।
विभिन्न जिलों में प्रभावी कार्रवाई
जयपुर शहर दक्षिण आबकारी टीम ने आरपीएफ के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से हरियाणा बिक्री हेतु चिन्हित अंग्रेजी शराब की 28 बोतलें बरामद कर मामला दर्ज किया।
बांसवाड़ा के कुशलगढ़ क्षेत्र में आबकारी निरोधक दल ने दबिश देकर मध्यप्रदेश बिक्री हेतु चिन्हित अंग्रेजी शराब के 20 पव्वे, 15 बोतल हथकड़ शराब जब्त कर एक हजार लीटर वॉश नष्ट किया।
सिरोही में कार्रवाई के दौरान 250 लीटर वॉश और शराब बनाने के उपकरण नष्ट किए गए, वहीं 4 लीटर अवैध हथकड़ शराब भी बरामद की गई। अलवर में आबकारी टीम और रेलवे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब की 35 बोतलें जब्त की गईं।
भीलवाड़ा के मांडलगढ़ क्षेत्र में 4 हजार लीटर वॉश नष्ट कर 209 लीटर हथकड़ शराब जब्त की गई। पाली में 1500 लीटर वॉश और 4 पुरानी भट्टियों को नष्ट किया गया। वहीं कोटा में भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर नाकाबंदी कर वाहनों की सघन तलाशी ली गई।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जारी रहेगा अभियान
आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने बताया कि प्रदेश में अवैध शराब और अन्य राज्यों से होने वाली तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। सभी अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक और निरोधक दलों को लगातार प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के सभी जिलों में यह विशेष अभियान निरंतर जारी रहेगा।