राष्ट्रपति भवन में गूंजा राजस्थान का गौरव: लोक कला और सेवा की तपस्या को मिला पद्मश्री सम्मान
भपंग की धुन से लेकर समाज सेवा की मिसाल तक… राजस्थान की तीन हस्तियों ने देशभर में बढ़ाया मान
अनन्य सोच। राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म सम्मान समारोह 2026 इस बार राजस्थान के लिए बेहद खास और गौरवपूर्ण पल लेकर आया। राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने देश की प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया, जिनमें राजस्थान की तीन विभूतियों को भी पद्मश्री से नवाजा गया। लोक कला, आदिवासी संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में दशकों से योगदान दे रहे इन नामों ने समारोह में पूरे प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
मेवात की मिट्टी की आवाज बने गफरुद्दीन मेवाती जोगी
डीग निवासी Gaffaruddin Mewati Jogi को मेवाती लोक संगीत और भपंग वादन की परंपरा को जीवित रखने के लिए पद्मश्री सम्मान मिला। वर्षों से लोक संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने वाले जोगी ने लंदन, पेरिस, कनाडा और फ्रांस जैसे देशों में भारतीय लोक संगीत की पहचान बनाई। भपंग के साथ अलगोजा, चिकारा और जोगी सारंगी सहित कई पारंपरिक वाद्य यंत्रों में उनकी महारत उन्हें लोक संगीत का जीवंत संस्थान बनाती है।
रेगिस्तान की धुन को दुनिया तक ले गए तगाराम भील
जैसलमेर के प्रसिद्ध लोक कलाकार Tagaram Bhil को भी पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। अलगोजा वादन को नई पहचान देने वाले तगाराम भील ने राजस्थान की आदिवासी लोक संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया। फ्रांस, अमेरिका, जापान और रूस सहित कई देशों में उनकी प्रस्तुतियां सराही जा चुकी हैं। खास बात यह है कि वे अपने वाद्य यंत्र स्वयं तैयार करते हैं, जिनकी मांग विदेशों तक है।
सेवा को साधना बनाने वाले स्वामी ब्रह्मदेव भी सम्मानित
श्रीगंगानगर के Swami Brahmdev Ji Maharaj को समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए पद्मश्री प्रदान किया गया। दृष्टिबाधित और मूक-बधिर बच्चों के लिए शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में उनका योगदान प्रेरणादायक माना जाता है। उनके द्वारा स्थापित संस्थान वर्षों से जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
प्रदेशभर में जश्न, लोगों ने कहा— “यह सम्मान राजस्थान की आत्मा का सम्मान”
राजस्थान की इन तीनों विभूतियों को पद्मश्री मिलने के बाद प्रदेशभर में खुशी और गर्व का माहौल है। कला, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए उनके कार्य अब देश ही नहीं, दुनिया के सामने प्रेरणा बनकर उभर रहे हैं।