BRICS मेहमानों ने देखी आमेर महल की वो खूबसूरती, जिसने विदेशी डेलिगेशन को कर दिया हैरान
शीश महल की कारीगरी देख अपनी जुबान से तारीफ करते नहीं थके इथियोपिया और साउथ अफ्रीका के प्रतिनिधि
अनन्य सोच। राजस्थान की धरती पर जब विदेशी मेहमान पहुंचते हैं, तो यहां की ऐतिहासिक इमारतें उन्हें हमेशा चौंका देती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब BRICS Summit में शामिल होने आए इथियोपिया और साउथ अफ्रीका के delegation ने आमेर महल का दौरा किया। महल की भव्यता देखकर मेहमानों के चेहरे पर जो हैरानी के भाव थे, वो बता रहे थे कि यह अनुभव उनके लिए कितना खास था।
इथियोपिया के काउंसलर मिस्टर हैलू डेमिसे के नेतृत्व में पहुंचे delegation और साउथ अफ्रीका के प्रतिनिधिमंडल ने आमेर महल के प्रमुख हिस्सों का बारीकी से अवलोकन किया। इसमें दीवाने आम, कचहरी, शीश महल और सुख महल जैसे ऐतिहासिक स्थल शामिल रहे। लेकिन जो चीज़ इन मेहमानों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर गई, वो थी शीश महल की अनोखी architecture और कारीगरी।
दरअसल, शीश महल की दीवारों और छतों पर की गई महीन शीशे की जड़ाई और अद्भुत कलाकारी कुछ ऐसी है कि इसे देखकर बड़े-बड़े art historians भी दंग रह जाते हैं। यही वजह रही कि विदेशी प्रतिनिधियों ने भी इस अनूठी craftsmanship पर खुलकर आश्चर्य व्यक्त किया और भारतीय स्थापत्य कला की जमकर तारीफ की।
इस पूरे दौरे के दौरान महल अधीक्षक डॉ. राकेश छोलक भी मेहमानों के साथ मौजूद रहे और उन्होंने डेलिगेशन को आमेर महल के historical significance और इसकी पुरानी परंपराओं के बारे में जानकारी दी। बता दें कि ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने आए कई देशों के प्रतिनिधि जयपुर की सांस्कृतिक धरोहर देखने के लिए खासा उत्साहित नजर आ रहे हैं, और आमेर महल इस सूची में सबसे ऊपर बना हुआ है।