50 खेलो इंडिया केंद्र से लेकर 1.89 लाख भर्तियों तक: CM भजनलाल ने गिनाईं राजस्थान की युवा उपलब्धियां
राष्ट्रीय खेल दिवस पर PM मोदी के 'माय भारत खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम से जुड़े CM भजनलाल शर्मा, बताई राजस्थान की खेल उपलब्धियां, भर्तियां और युवा नीति-2026 की खासियतें।
Quick Read / Key Highlights:
CM भजनलाल शर्मा जयपुर के सुबोध पीजी कॉलेज से PM मोदी के खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम से वीसी द्वारा जुड़े
खेलो इंडिया योजना में केंद्र सरकार 36 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी
राजस्थान में अब तक 3,540 खिलाड़ियों को 52 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई
राज्य में 410 भर्ती परीक्षाएं बिना पेपर लीक हुईं, 1.89 लाख से अधिक नियुक्तियां दी गईं
खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2025 में राजस्थान ने 60 पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया
राष्ट्रीय खेल दिवस पर CM का संबोधन
अनन्य सोच m। राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित 'माय भारत खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर के सुबोध पीजी कॉलेज से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी पूंजी है और युवाओं के धैर्य व अथक परिश्रम से ही विकसित भारत का संकल्प साकार होगा। उन्होंने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को नमन करते हुए इस दिन को उनके योगदान की याद के रूप में रेखांकित किया।
क्यों अहम है यह घोषणा
देश की करीब 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है, जो युवा-केंद्रित नीतियों को राजनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाता है। ऐसे में केंद्र सरकार की संशोधित खेलो इंडिया योजना में 36 हजार करोड़ रुपये के व्यय की घोषणा और राज्य स्तर पर 'सुयोग' जैसे प्लेटफॉर्म का शुभारंभ, दोनों मिलकर खेल और रोजगार को एक साथ जोड़ने की बड़ी रणनीति की ओर इशारा करते हैं।
राजस्थान में खेल ढांचे का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 50 खेलो इंडिया केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। सवाई मानसिंह स्टेडियम में एथलेटिक्स, तीरंदाजी और बॉक्सिंग के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जा रहा है, वहीं जयपुर में करीब 101 करोड़ रुपये की लागत से महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय की स्थापना हो रही है। यह ढांचागत निवेश दिखाता है कि राज्य सरकार खेलों को केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रखकर, दीर्घकालिक करियर विकल्प के रूप में स्थापित करना चाहती है।
आंकड़ों में उपलब्धियां
CM के अनुसार अब तक 186 खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में सीधी नियुक्ति दी गई है, जबकि 3,540 खिलाड़ियों को लगभग 52 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 में 222 विश्वविद्यालयों के करीब 7 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया, जबकि यूथ गेम्स-2025 में राजस्थान ने 60 पदक जीतकर देश में तीसरा स्थान हासिल किया। हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली अरुंधति चौधरी और कांस्य जीतने वाले यशवीर सिंह का भी उन्होंने विशेष उल्लेख किया।
भर्ती और रोजगार पर फोकस
खेलों के अलावा मुख्यमंत्री ने रोजगार के मोर्चे पर भी उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि सरकार ने भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है, जिसके तहत अब तक 410 परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक के आयोजित हो चुकी हैं और 1 लाख 89 हजार से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। इसके अलावा 1 लाख 22 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और निजी क्षेत्र में साढ़े चार लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। यह आंकड़े राज्य सरकार की उस रणनीति को दर्शाते हैं जिसमें खेल और नौकरी, दोनों मोर्चों पर युवाओं को साधने की कोशिश की जा रही है।
आगे की दिशा
राजस्थान युवा नीति-2026 और 'एक जिला-एक खेल' जैसी योजनाओं के जरिए राज्य सरकार खेल संस्कृति को जमीनी स्तर तक ले जाने की कोशिश कर रही है। साथ ही राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम के जरिए ओलंपिक पदक के दीर्घकालिक लक्ष्य पर भी काम शुरू हो चुका है। कार्यक्रम में सांसद राव राजेन्द्र सिंह और मंजू शर्मा सहित कई गणमान्य लोग तथा बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।