जयपुर के बाल कलाकारों ने मंच पर रच दी जादुई दुनिया, यमराज से लेकर भुलक्कड़ों तक की कहानियों ने मोहा मन

जवाहर कला केंद्र के जूनियर समर कैंप में 315 बच्चों ने पेश किए 10 ओरिजिनल नाटक, 19-20 जून को फिर मिलेगा मौका

Jun 19, 2026 - 06:13
Jun 19, 2026 - 06:13
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जयपुर के बाल कलाकारों ने मंच पर रच दी जादुई दुनिया, यमराज से लेकर भुलक्कड़ों तक की कहानियों ने मोहा मन

अनन्य सोच। कल्पना जब बच्चों के हाथ में हो, तो मंच पर क्या-क्या उतर सकता है, इसकी झलक गुरुवार को जवाहर कला केंद्र (JKC) के रंगायन सभागार में देखने को मिली। जूनियर समर कैंप 2026 के थिएटर सेक्शन से जुड़े 315 बच्चों ने एक महीने की वर्कशॉप में जो सीखा, उसे उन्होंने 10 मौलिक नाटकों के रूप में दर्शकों के सामने पेश किया। और हैरानी की बात यह रही कि स्क्रिप्ट से लेकर अभिनय तक, हर चीज बच्चों ने खुद तैयार की थी।

इस इवनिंग की सबसे दिलचस्प बात रही विषयों की विविधता। जहां 'अजब है मेला: यमराज का खेल' में बच्चों ने मौत के देवता की कहानी को नए अंदाज में पेश किया, वहीं 'जोशी परिवार की संस्कारी बहू' ने पारिवारिक रिश्तों पर हल्के-फुल्के तरीके से कटाक्ष किया। 'झूठ के बिना एक दिन' और 'काश हम बड़े होते' जैसे नाटकों ने बचपन की मासूम चाहतों और सच बोलने के असर को बेहद रोचक ढंग से दिखाया। लिटिल निन्जास की टीम का 'उकियो', सायरन का 'जादुई धागा', दूरबीन, मच्छरदानी, तीसरी घंटी, झमेला, आई ब्रोस और कारवां जैसी टीमों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को बांधे रखा।

दर्शकों ने नन्हे कलाकारों के आत्मविश्वास और मंचीय कौशल की जमकर तारीफ की। इस मौके पर जवाहर कला केंद्र के अतिरिक्त महानिदेशक गोपाल राम बिरडा और वरिष्ठ लेखाधिकारी बिंदु भोभरिया भी मौजूद रहे, जिन्होंने बच्चों के रचनात्मक प्रयासों को सराहा।

खास बात यह है कि जो लोग गुरुवार की प्रस्तुतियां नहीं देख पाए, उनके लिए राहत की खबर है — सभी 10 नाटकों का पुनः मंचन 19 और 20 जून 2026 को शाम 6:30 बजे रंगायन सभागार में किया जाएगा। यानी अब परिवार के साथ इन रचनात्मक प्रस्तुतियों का आनंद लेने का एक और मौका मिलेगा।