Jaipur Navratri 2026: देवी मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, Ramlila में राम जन्म और Vidhani Parikrama का समापन

शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन जयपुर के देवी मंदिरों में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा हुई। मुरलीपुरा रामलीला में राम जन्म का मंचन और विधाणी परिक्रमा महोत्सव का समापन हुआ।

Oct 12, 2026 - 17:25
Oct 12, 2026 - 17:30
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Jaipur Navratri 2026: देवी मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, Ramlila में राम जन्म और Vidhani Parikrama का समापन

अनन्य सोच । शारदीय Navratri के दूसरे दिन सोमवार को छोटीकाशी के देवी मंदिरों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। आमेर स्थित शिला माता मंदिर, मनसा माता, दुर्गापुरा के दुर्गा माता मंदिर, राजापार्क के वैष्णो देवी मंदिर और घाटगेट के काली माता मंदिर सहित प्रमुख मंदिरों में सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दूसरे दिन मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप Maa Brahmacharini की आराधना की गई।

मंदिरों में पूजा, आरती और मंत्रोच्चार के बीच वातावरण भक्तिमय रहा। श्रद्धालुओं ने मां को लाल चुनरी, नारियल, फल, फूल और मिठाइयां अर्पित कीं। शंखनाद, घंटियों की गूंज और 'जय माता दी' के जयकारे गूंजते रहे। घरों में भी भक्तों ने व्रत रखा, दुर्गा सप्तशती का पाठ किया और भजन-कीर्तन किए।

मुरलीपुरा Ramlila में राम जन्म का मंचन

श्री आदर्श रामलीला मंडल, मुरलीपुरा के तत्वावधान में मुरलीपुरा सर्किल पर चल रहे रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन भगवान श्रीराम सहित चारों भाइयों के जन्म, महर्षि विश्वामित्र के आगमन और ताड़का वध की लीलाओं का मंचन हुआ। संस्था अध्यक्ष अभिनव शर्मा ने बताया कि पं. राजकुमार चतुर्वेदी के सान्निध्य में राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्मोत्सव का प्रसंग उल्लास के साथ प्रस्तुत किया गया।

चारों भाइयों के प्राकट्य पर रामलीला स्थल पर हर्ष छा गया। बधाई गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने बाल स्वरूप के दर्शन किए और खुशी में टॉफी-बिस्कुट उछाले गए। मंगलवार को अहिल्या उद्धार, पुष्प वाटिका, धनुष यज्ञ और लक्ष्मण-परशुराम संवाद की लीलाओं का मंचन होगा।

Vidhani Parikrama Mahotsav संपन्न

गोनेर रोड स्थित विधाणी गांव के गोपाल सागर आश्रम में मिथिला बिहारी महाराज के सान्निध्य में आयोजित छह दिवसीय परिक्रमा महोत्सव सोमवार को शोभायात्रा के साथ संपन्न हुआ। गोनेर से विधाणी आश्रम तक निकली Shobhayatra में हजारों ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए। राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों के साथ हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से भी श्रद्धालु पहुंचे।

श्रद्धालु झांझ, मंजीरे, ढोलक, हारमोनियम और चंग की धुन पर राम नाम संकीर्तन करते हुए आश्रम पहुंचे। जुगल सरकार की झांकी के साथ राधा-कृष्ण, सीतारामजी, बड़े बालाजी, मां शीतला, बाबा चेतनानंद और मां साहिब बनारसी देवी की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।

Patotsav और अखंड रामधुनी

आश्रम में स्वामी भजनानन्द महाराज (बड़े बाबा), स्वामी चेतनदास महाराज (छोटे बाबा) और मां साहिब बनारसी देवी का पाटोत्सव भी धूमधाम से मनाया गया। लक्ष्मी निधि और सरजू बिहारी के अनुसार 7 से 11 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक अखंड रामधुनी और भजन-कीर्तन हुए।