राजस्थान की तस्वीर बदलने आए PM मोदी: बालोतरा से ₹1.06 लाख करोड़ का तोहफा, रिफाइनरी-मेट्रो-एयरपोर्ट सब कुछ एक साथ लॉन्च

भीषण गर्मी में उमड़ा जनसैलाब, प्रधानमंत्री बोले- 'नया भारत' न रुकता है न झुकता है; जानें बालोतरा दौरे की हर बड़ी बात

Jul 5, 2026 - 07:38
Jul 5, 2026 - 07:40
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राजस्थान की तस्वीर बदलने आए PM मोदी: बालोतरा से ₹1.06 लाख करोड़ का तोहफा, रिफाइनरी-मेट्रो-एयरपोर्ट सब कुछ एक साथ लॉन्च

अनन्य सोच। राजस्थान के बालोतरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास का महाकुंभ रचा। करीब ₹1.06 लाख करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास एक साथ हुआ। भीषण गर्मी के बावजूद उमड़ी भारी भीड़ को देखकर PM मोदी ने इसे मौजूदा सरकार के कामकाज पर जनता की जबरदस्त मुहर बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती के इस अपार समर्थन के लिए वे प्रदेश के ऋणी हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत में ही प्रधानमंत्री ने राजस्थान रिफाइनरी देश को समर्पित की। उन्होंने इसे हजारों युवाओं के लिए स्थायी रोजगार का जरिया बताते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट भारत की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है। दिलचस्प बात यह रही कि इस रिफाइनरी का शुरुआती MOU 2017 में हुआ था, लेकिन पिछली सरकार के असहयोग के चलते 2018 से 2023 तक काम पूरी तरह ठप रहा। मौजूदा सरकार आने के बाद काम में तेजी आई और आज यह रिफाइनरी देश की चौथी सबसे बड़ी रिफाइनरी क्षमता का हिस्सा बन गई है — जबकि अमेरिका ने पिछले 50 साल में कोई नई रिफाइनरी नहीं बनाई।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया, जिससे मारवाड़ क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार को नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही UDAN योजना के नए चरण का शुभारंभ भी किया गया, जो दूर-दराज इलाकों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ेगा। जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला भी रखी गई, जिससे शहर का कुल मेट्रो नेटवर्क 50 किलोमीटर से ज्यादा हो जाएगा और ईस्ट-वेस्ट, नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर आपस में जुड़ जाएंगे।

लेकिन सबसे रोचक हिस्सा रहा प्रधानमंत्री का वह खुलासा, जिसमें उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया युद्ध के दौरान भारत किस तरह एक बड़े ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़ा था। उन्होंने बताया कि युद्ध से पहले भारत अपनी LPG जरूरत का 60% आयात करता था, जिसमें से 90% खाड़ी क्षेत्र से आता था। जब सप्लाई लाइन बाधित हुई, तो सरकार ने सिर्फ 7 दिनों में घरेलू रिफाइनरियों को इस तरह बदल दिया कि LPG उत्पादन 35,000 मीट्रिक टन से बढ़कर 54,000 मीट्रिक टन हो गया। बाजार एक्सपर्ट्स सिलेंडर की कीमत ₹2,000 तक जाने की आशंका जता रहे थे, लेकिन सरकार ने कीमत ₹950 से नीचे रखी। साथ ही 11 लाख से ज्यादा घरों को PNG कनेक्शन से जोड़ा गया ताकि सिलेंडर पर दबाव कम हो।

कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर से 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने के बावजूद भारत ने पेट्रोल-डीजल की एक दिन की भी कमी नहीं होने दी। सरकार ने अप्रैल-जून में अकेले ₹75,000 करोड़ का बोझ खुद वहन किया और आयात के दायरे को 25-26 देशों से बढ़ाकर 40 से ज्यादा देशों तक फैलाया।

कृषि क्षेत्र में यूरिया संकट का जिक्र करते हुए PM मोदी ने बताया कि वैश्विक कीमतें ₹3,000 प्रति बोरी तक पहुंचने के बावजूद किसानों को यूरिया सिर्फ ₹300 में मिलता रहा। MSME सेक्टर को बचाने के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम का नया चरण भी लॉन्च किया गया।

सबसे बड़ी सौगात रही राजस्थान-हरियाणा के बीच ₹34,000 करोड़ का ऐतिहासिक जल समझौता, जिसके तहत हथिनीकुंड बैराज से भूमिगत पाइपलाइन बिछाकर सीकर, चूरू, झुंझुनू सहित पूरे शेखावाटी क्षेत्र को पानी मिलेगा। कार्यक्रम में 54,000 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।