राष्ट्रपति भवन में ‘रॉयल राजस्थान’ की महक: गुलाब बाटी-चूरमा से साउथ कोरिया के राष्ट्रपति हुए प्रभावित
शेफ सौरभ शर्मा और टीम ने पारंपरिक स्वाद को आधुनिक अंदाज में परोसकर जीता दिल, डेढ़ महीने की मेहनत लाई रंग
अनन्य सोच। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य राजकीय भोज में इस बार राजस्थान के शाही व्यंजनों की सुगंध ने पूरी शाम को खास बना दिया। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के सम्मान में आयोजित इस विशेष डिनर की मेजबानी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
इस खास अवसर पर राजस्थान के प्रसिद्ध शेफ डॉ. सौरभ शर्मा और उनकी टीम ने राज्य की समृद्ध पाक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। उनका उद्देश्य मेहमानों को राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों से रूबरू कराना था, जिसे उन्होंने शानदार तरीके से साकार किया।
शाही थाली में परोसा राजस्थान का स्वाद
शेफ सौरभ ने अपनी टीम—शेफ रविंद्र नरुका, हिम्मत सिंह, रतिराम प्रजापत और एग्जीक्यूटिव शेफ मुकेश कुमार—के साथ मिलकर जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और जयपुर की रसोई को रॉयल अंदाज में प्रस्तुत किया। मेन्यू में ज्वार का राब, गोविंद गट्टा, धुंगारी पालक मंगोड़ी, चांदी वाली दाल, जैसलमेरी पुलाव और विशेष ‘गुलाब बाटी-चूरमा’ जैसे व्यंजन शामिल रहे। मिठाइयों में घेवर और मालपुआ ने पारंपरिक मिठास का अहसास कराया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भोजन को “शानदार अनुभव” बताया, जबकि शशि थरूर ने इसकी सादगी और स्वाद की सराहना की।
डेढ़ महीने की मेहनत, परंपरा और नवाचार का संगम
शेफ सौरभ ने बताया कि इस विशेष मेन्यू को तैयार करने के लिए करीब डेढ़ महीने तक गहन शोध और कई बार ट्रायल किए गए। उन्होंने पारंपरिक रेसिपी, स्थानीय सामग्री और प्राचीन पाक विधियों का गहराई से अध्ययन कर हर डिश में राजस्थान की असली पहचान बनाए रखी।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां डॉ. उमा शर्मा और पत्नी डॉ. नेहा शर्मा को दिया। यह आयोजन न केवल एक राजकीय भोज रहा, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक और पाक विरासत का वैश्विक प्रदर्शन भी साबित हुआ।