E-Waste Recycling पर जोर: मुख्य सचिव श्रीनिवास ने 8 Collection Vehicles को दिखाई हरी झंडी, Cyber Hygiene को बताया समय की मांग

जयपुर में BRICS Sustainable Lifestyle Week के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने E-Waste Workshop को संबोधित किया और 8 कलेक्शन वाहनों को रवाना किया। राजस्थान में 59 हजार कार्यक्रम, 7.6 लाख लोग जुड़े।

Nov 6, 2026 - 19:36
Nov 6, 2026 - 19:39
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E-Waste Recycling पर जोर: मुख्य सचिव श्रीनिवास ने 8 Collection Vehicles को दिखाई हरी झंडी, Cyber Hygiene को बताया समय की मांग

अनन्य सोच । मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि डिजिटल सुरक्षा आज समय की मांग है। उन्होंने सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं से आगे आकर Cyber Hygiene Awareness कार्यक्रम बड़े स्तर पर चलाने का आह्वान किया। वे BRICS Sustainable Lifestyle Week 2026 के तहत ई-वेस्ट पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

8 E-Waste Collection Vehicles रवाना

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य सचिव, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) की अध्यक्ष श्रीमती अपर्णा अरोरा, पर्यावरण सचिव श्रीमती शैलजा देवल और सदस्य सचिव श्री कपिल चंद्रवाल ने आठ ई-वेस्ट कलेक्शन वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक कचरे के व्यवस्थित संग्रहण, वैज्ञानिक निस्तारण और अधिकाधिक Recycling को बढ़ावा देना है। मुख्य सचिव ने रिसाइक्लर्स द्वारा प्रदर्शित प्रक्रिया और तकनीकी व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया।

Circular Economy को मजबूती

श्री श्रीनिवास ने कहा कि आधुनिक तकनीकों से अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से सोना, चांदी और अन्य मूल्यवान धातुएं निकाली जा सकती हैं। इससे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होता है और ई-वेस्ट उपयोगी संसाधन बनकर Circular Economy को बल देता है। उन्होंने आमजन, उद्योगों और संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी को जरूरी बताया और कहा कि पर्यावरण संरक्षण को Lifestyle का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने इस आयोजन में राजस्थान के देश में अग्रणी बनने की सराहना की।

59 हजार कार्यक्रम, 7.6 लाख की भागीदारी

श्रीमती अपर्णा अरोरा ने बताया कि 1 से 5 नवंबर तक मंडल ने करीब 59 हजार कार्यक्रम आयोजित कर 7.60 लाख से अधिक प्रदेशवासियों को जोड़ा और लगभग 27 विभागों की भागीदारी रही। उन्होंने कहा कि केवल कचरे का निस्तारण काफी नहीं, उसे संसाधन के रूप में दोबारा उपयोग करने के ठोस प्रयास भी जरूरी हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी तथा उत्पादकों और रिसाइक्लर्स की भूमिका को भी रेखांकित किया।

तकनीकी सत्र और Mission LiFE की शपथ

तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन और वैज्ञानिक रिसाइक्लिंग पर चर्चा की। बताया गया कि अनुपयोगी उपकरणों को सामान्य कचरे में फेंकने के बजाय अधिकृत Collection Center या रिसाइक्लर्स तक पहुंचाना चाहिए। Mission LiFE के तहत पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली और जिम्मेदार उपभोग की शपथ भी दिलाई गई। श्रीमती नम्रता वृष्णि ने भी विचार रखे और मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री प्रेमालाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।