जयपुर फिल्म फेस्टिवल: AI से बनी राजस्थानी फिल्म बनी आकर्षण का केंद्र
अनन्य सोच। जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ट्रस्ट की पहल पर शहर में चल रहे बाल फिल्मोत्सव के तहत गुरुवार को दो प्रमुख स्कूलों में देश-विदेश की चुनी हुई फिल्में विद्यार्थियों को दिखाई गईं। यह आयोजन 9वें आर्यन इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल तथा 11वें सिक्सटीन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स की श्रृंखला का हिस्सा रहा। मानसरोवर के रयान इंटरनेशनल स्कूल और प्रताप नगर के डॉल्फिन्स हाई स्कूल में कुल 29 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया, जो अलग-अलग देशों की सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक कहानियों पर आधारित थीं।
भारतीय फिल्मों में पारिवारिक रिश्तों, समकालीन सामाजिक हालातों और युवा सोच को दर्शाती कहानियां प्रमुखता से दिखाई गईं, जबकि विदेशी फिल्मों ने दर्शकों को कोरिया, ईरान, पाकिस्तान, फ्रांस, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की संस्कृति और जीवनशैली से रूबरू कराया। इन फिल्मों में साहस, प्रकृति प्रेम, पारिवारिक जुड़ाव और मानवीय संवेदनाओं जैसे विषय केंद्र में रहे, जिन्होंने छात्रों को अलग नजरिए से सोचने का मौका दिया।
इस मौके पर सबसे ज्यादा चर्चा एकता कपूर के प्रोडक्शन बैनर तले बनी राजस्थानी फिल्म ‘वॉटर’ की रही, जिसे पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से तैयार किया गया है। पानी की किल्लत जैसे गंभीर मुद्दे पर बनी यह फिल्म देखकर छात्र काफी उत्साहित नजर आए। एक छात्र ने बताया कि स्थानीय भाषा में बनी और आधुनिक तकनीक से तैयार यह फिल्म उसके लिए बिल्कुल नया अनुभव थी।
समारोह में फेस्टिवल डायरेक्टर हनु रोज ने पुरस्कार विजेता फिल्मकारों को सम्मानित किया, जिनमें प्रणकुर चतुर्वेदी, अंजन सिंह, संदीप राज के., मोहनिंदर पाल विद्रोही और सिमंतिनी रमेश वेलुसकर शामिल रहे। फिल्मकार प्रणकुर चतुर्वेदी ने बच्चों के बीच बैठकर फिल्म देखने के अनुभव को खास बताते हुए अगले वर्ष जनवरी में फिर आयोजन में शामिल होने की इच्छा जताई।
आयोजकों ने बताया कि यह पहल बच्चों को वैश्विक सिनेमा, रचनात्मकता और नई तकनीकों से जोड़ने की दिशा में अहम कदम है। अगला आयोजन अगले वर्ष अगस्त में और बड़े स्तर पर किया जाएगा।