आठ गुना उछाल: दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामले 2000 पार, ICMR बोला- नया स्ट्रेन नहीं, घबराने की जरूरत नहीं
दिल्ली में H1N1 स्वाइन फ्लू के मामले 1,777 पार, ICMR ने कहा कोई नया स्ट्रेन नहीं, घबराने की जरूरत नहीं, जानें लक्षण और बचाव के उपाय।
Quick Read / Key Highlights
दिल्ली में 2026 में अब तक 1,777 से अधिक H1N1 पुष्ट मामले सामने आए, कुल इन्फ्लूएंजा-ए मामले 2,300 पार।
पिछले साल की समान अवधि में सिर्फ 229 मामले थे, यानी इस बार करीब आठ गुना बढ़ोतरी दर्ज हुई।
ICMR ने स्पष्ट किया कि यह A/Missouri/11/2025 (H1N1) pdm09-like स्ट्रेन है, कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्थिति की समीक्षा की, दिल्ली में अस्पतालों संग बैठक बुलाकर तैयारियों का जायजा लिया गया।
ज्यादातर मामले हल्के-मध्यम, बच्चे, बुजुर्ग व पहले से बीमार व्यक्तियों को अधिक खतरा, ICU/वेंटिलेटर के मामले नहीं आए।
राजधानी में तेजी से बढ़े मामले
अनन्य सोच। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामलों में इस वर्ष तेज उछाल देखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में 2026 में अब तक 1,777 से अधिक H1N1 के पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं, जबकि कुल इन्फ्लूएंजा-ए के मामले 2,300 के आंकड़े को पार कर गए हैं। एक ही दिन में 114 नए H1N1 मामले दर्ज किए गए थे। तुलनात्मक रूप से देखें तो पिछले वर्ष इसी अवधि में दिल्ली में केवल 229 मामले थे, यानी इस बार लगभग आठ गुना वृद्धि दर्ज हुई है। दिल्ली के अलावा कर्नाटक में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां 4,000 से अधिक मामले सामने आए हैं।
ICMR ने दी राहत भरी जानकारी
बढ़ते मामलों के बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने हाल ही के दिनों में स्पष्ट किया कि देश में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। परिषद के अनुसार वर्तमान में प्रसारित हो रहा वायरस A/Missouri/11/2025 (H1N1) pdm09-like स्ट्रेन है, जो क्लैड 6B.1A.5a2a और सबक्लैड D.3.1.1 से संबंधित है तथा 2025 से ही सर्कुलेशन में है। यह सामान्य मौसमी इन्फ्लूएंजा का ही हिस्सा है और उत्तरी गोलार्ध के लिए अनुशंसित वैक्सीन स्ट्रेन से भी अच्छी तरह मेल खाता है, जो इस बात का संकेत है कि मौजूदा टीके इस वायरस के खिलाफ प्रभावी बने हुए हैं।
सरकार ने बुलाई समीक्षा बैठकें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने देशभर में H1N1 की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। वहीं दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सरकारी अस्पतालों और नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई। उन्होंने आश्वासन दिया कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है जिसमें ICU या वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी हो, तथा अस्पतालों में पर्याप्त बेड व दवाइयां उपलब्ध हैं।
हल्के लक्षण, फिर भी सतर्कता जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामले हल्के से मध्यम स्तर के होते हैं और मरीज खुद ही ठीक हो जाते हैं। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हैं। हालांकि बच्चे, बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों को इस संक्रमण से अधिक खतरा रहता है, इसलिए इस वर्ग के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली सरकार ने जारी की एडवाइजरी
दिल्ली सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से सांस संबंधी स्वच्छता बरतने, भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचने और लक्षण गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि निगरानी व्यवस्था बढ़ा दी गई है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है।