G7 Summit 2026 में PM Modi का बड़ा संदेश: ‘दुनिया को Resources नहीं, Trust की सबसे ज्यादा जरूरत’
Evian से PM Modi का Global Call: Trust, Partnership और International Solidarity से ही बनेगा सुरक्षित भविष्य
अनन्य सोच। G7 Summit 2026 के मंच से प्रधानमंत्री Narendra Modi ने दुनिया के सामने एक ऐसा संदेश रखा, जो आने वाले वर्षों की Global Politics और International Partnerships की दिशा तय कर सकता है। फ्रांस के Evian में आयोजित शिखर सम्मेलन में “Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity” विषय पर संबोधन देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की दुनिया में सबसे बड़ी कमी संसाधनों की नहीं, बल्कि Trust (विश्वास) की है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज Energy Security, Food Security, Health Security, Cyber Security और Economic Growth किसी एक देश की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। Technology, Data, Capital और Supply Chains पूरी दुनिया को जोड़ते हैं। ऐसे में सफल Partnerships का आधार केवल और केवल विश्वास हो सकता है।
उन्होंने कहा कि Technology और Supply Chains का उपयोग हथियार की तरह नहीं, बल्कि Global Good के लिए होना चाहिए। कोविड महामारी का उल्लेख करते हुए PM Modi ने कहा कि संकट के समय दुनिया ने देखा कि Trust और Solidarity के कई दावे कितने कमजोर साबित हुए।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, Global Biofuels Alliance, Mission LiFE और Ek Ped Maa Ke Naam Campaign को दुनिया के लिए भारत के सकारात्मक योगदान का उदाहरण बताया।
PM Modi ने कहा कि भारत ने हमेशा “Humanity First” के सिद्धांत पर काम किया है। कोविड काल में 150 से अधिक देशों को Medicines और Vaccines उपलब्ध कराना हो या फिर Sri Lanka, Afghanistan, Mozambique, Cuba और Jamaica जैसे देशों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सहायता पहुंचाना, भारत हमेशा First Responder की भूमिका में रहा है।
West Asia में शांति प्रयासों का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने Maritime Trade और Seafarers की सुरक्षा को भी वैश्विक प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि Dialogue, Diplomacy और International Cooperation ही दुनिया में चल रहे संघर्षों का स्थायी समाधान हैं।
प्रधानमंत्री ने Global South की आकांक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब समय Donor-Recipient सोच से आगे बढ़कर Equal Partnership की ओर बढ़ने का है। यही भविष्य की मजबूत और टिकाऊ वैश्विक व्यवस्था की नींव बनेगा।