89,915 Sanitation Workers का Verification, 87,000 से ज्यादा PPE Kits वितरित... 'NAMASTE Scheme' से बदल रही देशभर की सफाई व्यवस्था

सीवर में बिना सुरक्षा उतरने की मजबूरी अब धीरे-धीरे खत्म होती दिख रही है। केंद्र सरकार की NAMASTE Scheme के तहत देशभर में 89,915 Sewer & Septic Tank Workers का सत्यापन किया जा चुका है, जबकि 87,037 PPE Kits वितरित कर उन्हें सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराया गया है। सरकार का दावा है कि अब लक्ष्य केवल सफाई नहीं, बल्कि Safe, Mechanized और Dignified Sanitation सुनिश्चित करना है।

Jul 27, 2026 - 23:23
Jul 27, 2026 - 23:25
 0
89,915 Sanitation Workers का Verification, 87,000 से ज्यादा PPE Kits वितरित... 'NAMASTE Scheme' से बदल रही देशभर की सफाई व्यवस्था

अनन्य सोच। केंद्र सरकार देशभर में जोखिम भरे Manual Sanitation Work को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। National Action for Mechanized Sanitation Ecosystem (NAMASTE) Scheme के तहत सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई को पूरी तरह Mechanized बनाने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

लोकसभा में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने लिखित जवाब में बताया कि योजना शुरू होने के बाद अब तक 89,915 Sewer & Septic Tank Workers का सत्यापन किया जा चुका है। इसके अलावा कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 87,037 Personal Protective Equipment (PPE) Kits वितरित की गई हैं।

सरकार के अनुसार NAMASTE Scheme के तहत आधुनिक Emergency Response Sanitation Units (ERSU) भी स्थापित की गई हैं। इन इकाइयों को सुरक्षा हेलमेट, मल्टी गैस डिटेक्टर, ट्राइपॉड, एक्सियल फैन ब्लोअर, फुल बॉडी वाडर सूट और अन्य आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। देशभर में अब तक 753 Safety Equipment Sets उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिससे स्वच्छता कर्मियों को जोखिम भरे कार्यों के दौरान बेहतर सुरक्षा मिल रही है।

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2018 Survey में 14 राज्यों में 44,217 Manual Scavengers की पहचान हुई थी। इसके बाद Prohibition of Employment as Manual Scavengers and their Rehabilitation Act, 2013 के तहत देशव्यापी सर्वेक्षण कराया गया, जिसमें कोई नया Manual Scavenger चिन्हित नहीं हुआ। इसे सरकार ने मैला ढोने की प्रथा समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

योजना के लिए केंद्र सरकार लगातार वित्तीय सहायता भी बढ़ा रही है। 2023-24 में ₹30.06 करोड़, 2024-25 में ₹47.62 करोड़, 2025-26 में ₹97.67 करोड़ और 2026-27 में अब तक ₹28.30 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि यह राशि स्वच्छता कार्यों के मशीनीकरण, सुरक्षा उपकरणों और आधुनिक अवसंरचना के विकास पर खर्च की जा रही है।

सरकार का उद्देश्य केवल मशीनों के जरिए सफाई कराना नहीं, बल्कि हर Sanitation Worker को सुरक्षित कार्य वातावरण, सम्मानजनक आजीविका और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि NAMASTE Scheme इसी गति से आगे बढ़ती रही, तो आने वाले वर्षों में देश से जोखिम भरे Manual Sewer Cleaning की प्रथा पूरी तरह समाप्त हो सकती है।