कमला नेहरू नगर हादसे पर बड़ा फैसला: 5 दिन में खुलेगा ट्रेलर हादसे का सच

Jaipur Road Accident में एक परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। Kamla Nehru Nagar Accident की हर परत की जांच के लिए 7-Member Inquiry Committee गठित कर दी गई है, जिसे मात्र पांच कार्यदिवस में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

Jul 7, 2026 - 23:01
Jul 7, 2026 - 23:04
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कमला नेहरू नगर हादसे पर बड़ा फैसला: 5 दिन में खुलेगा ट्रेलर हादसे का सच

अनन्य सोच। श्याम नगर थाना क्षेत्र के 200 Feet Bypass स्थित Kamla Nehru Nagar Road Accident के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस दर्दनाक हादसे में तेज रफ्तार Trailer की चपेट में आने से फुटपाथ पर बैठे एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी। घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है और अब प्रशासन इसकी तह तक पहुंचने की तैयारी में जुट गया है।

District Collector संदेश नायक द्वारा जारी आदेश के अनुसार Additional District Magistrate (City-South) को जांच समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि Additional Deputy Commissioner of Police (Traffic-South) सदस्य सचिव होंगे। समिति में Regional Transport Officer (RTO), Public Works Department (PWD) के अधीक्षण अभियंता, Rajasthan State Road Transport Corporation (RSRTC) के कार्यकारी निदेशक (प्रशासन), National Highways Authority of India (NHAI) के परियोजना निदेशक तथा Jaipur City Transport Services Limited के विशेषाधिकारी को सदस्य बनाया गया है।

समिति को दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के वास्तविक कारणों की जांच करने, संबंधित विभागों की भूमिका का परीक्षण करने, राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान सामने आई चुनौतियों का मूल्यांकन करने और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासन का उद्देश्य केवल दुर्घटना के कारणों का पता लगाना नहीं, बल्कि Road Safety, Traffic Management और Heavy Vehicle Monitoring से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करना भी है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि कहीं सड़क डिजाइन, ट्रैफिक व्यवस्था या प्रशासनिक स्तर पर कोई चूक तो नहीं हुई।

जिला कलक्टर ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह सभी बिंदुओं की गहन जांच कर सुझावों सहित अपनी विस्तृत रिपोर्ट पांच कार्यदिवस के भीतर प्रस्तुत करे। अब पूरे शहर की निगाहें इस रिपोर्ट पर टिकी हैं, क्योंकि इससे न केवल इस हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी, बल्कि भविष्य में सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा भी तय होगी।