Piyush Goyal: India's Industrial Transformation के लिए Quality, Scale और Global Market Access जरूरी
Piyush Goyal ने ISID-IDRA सम्मेलन में कहा कि India का Industrial Transformation Quality, Scale, Market Access और Inclusivity से तेज होगा। Trade Deals, Clean Energy और Startups पर भी बोले।
अनन्य सोच । केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि India के Industrial Transformation को चार स्तंभों से गति मिलेगी: Quality, Economies of Scale, Global Market Access और Inclusivity। वे औद्योगिक विकास अध्ययन संस्थान (ISID) और औद्योगिक विकास अनुसंधान संघ (IDRA) द्वारा आयोजित चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
Quality पर सबसे ज्यादा जोर
गोयल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "शून्य दोष, शून्य प्रभाव" मंत्र को दोहराते हुए Quality को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उनके अनुसार Free Trade Agreements (FTA) से दुनिया भर के बाजार खुल रहे हैं, इसलिए भारत को Market Share के लिए प्रतिस्पर्धा करनी होगी। 1.4 अरब लोगों का घरेलू बाजार और वैश्विक पहुंच मिलकर भारतीय Manufacturers को किफायती उत्पादन में मदद करेंगे।
Trade Agreements पर क्या बोले
गोयल ने कहा कि भारत के व्यापार समझौते केवल टैरिफ घटाने तक सीमित नहीं हैं। इनमें सेवा, निवेश, शिक्षा, Skill Development और Technology Partnership भी शामिल हैं। उनके मुताबिक भारत के समझौते 38 विकसित देशों के साथ हुए हैं। नौ FTA और द्विपक्षीय समझौतों से 60 लाख करोड़ डॉलर के संयुक्त GDP वाली अर्थव्यवस्थाओं में Preferential Market Access मिला है, जबकि 2014 से पहले यह दायरा 10 लाख करोड़ डॉलर का था। India-US Trade Deal पर उन्होंने भरोसा जताया कि किसानों के हितों से समझौता नहीं हुआ है।
Clean Energy, Startups और Space Economy
गोयल ने बताया कि भारत की स्थापित बिजली क्षमता का 60 प्रतिशत हिस्सा Renewable Energy स्रोतों से आता है, हालांकि Energy Security के लिए कोयला अभी जरूरी है। Startup Fund of Funds का पहला फंड पूरी तरह उपयोग हो चुका है और दूसरा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा Startup Ecosystem बन चुका है। Space Economy अभी 8.4 अरब डॉलर की है और 2033 तक 44 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।
Indian Talent की बढ़ती मांग
जर्मनी में हर साल 90 हजार भारतीयों की जरूरत के संदर्भ में गोयल ने कहा कि जर्मनी को इससे भी अधिक Indian Talent चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत अगले 20 से 25 वर्षों तक सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।