नेपाल त्रासदी का असर! राजस्थान के बुजुर्गों की पशुपतिनाथ यात्रा पर लगी रोक, जानें सरकार का बड़ा फैसला
नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद राजस्थान सरकार ने बड़ी संवेदनशीलता दिखाते हुए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत पशुपतिनाथ मंदिर यात्रा को लेकर सरकार ने क्या निर्णय लिया, जानें पूरी खबर में।
अनन्य सोच। नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के बाद वहां के हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। इसी संवेदनशील स्थिति को देखते हुए राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने Senior Citizen Pilgrimage Scheme यानी मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत नेपाल के प्रसिद्ध Pashupatinath Temple के दर्शन के लिए जाने वाली यात्रा को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया है। यह निर्णय बुजुर्ग तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया है।
देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर काठमांडू (नेपाल) की इस Air Yatra को 27 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक, यानी पांच दिनों के लिए रोक दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब नेपाल में आपदा के चलते बुनियादी ढांचा और वहां की व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
"सुरक्षा से कोई समझौता नहीं" — देवस्थान मंत्री का बड़ा बयान
मंत्री जोराराम कुमावत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार के लिए अपने वरिष्ठ नागरिकों की Safety और सेहत हर हाल में सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नेपाल में आई इस भीषण त्रासदी के बाद वहां की स्थिति अभी अनिश्चित बनी हुई है, ऐसे में बुजुर्गों को किसी भी तरह की असुविधा या जान-माल के खतरे से बचाने के लिए यह संवेदनशील और सतर्कतापूर्ण कदम उठाया गया है।
हालात सुधरते ही फिर शुरू होगी यात्रा, नहीं होगी निराशा
सबसे राहत की बात यह है कि सरकार ने साफ कर दिया है कि यह रोक स्थायी नहीं, बल्कि अस्थायी है। मंत्री कुमावत ने राजस्थान के वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि तीर्थयात्रियों को निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि देवस्थान विभाग नेपाल के ताजा घटनाक्रम, वहां के मौसम और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है।
जैसे ही नेपाल में हालात पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में आ जाएंगे, इस Yatra को दोबारा पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ Re-Schedule कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी बुजुर्ग तीर्थयात्री को अपनी आस्था की यह यात्रा पूरी करने में कोई परेशानी न हो।
यह फैसला एक बार फिर दिखाता है कि संकट की घड़ी में राजस्थान सरकार अपने नागरिकों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर और संवेदनशील है।