जब Corporate Employees बने ‘Eco Warriors’: Jhalana Forest में Nature Walk से लेकर Seed Ball Campaign तक गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश

विश्व पर्यावरण दिवस पर जयपुर के Jhalana Forest Area में एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। दफ्तरों की व्यस्त दिनचर्या से निकलकर करीब 50 Accenture कर्मचारियों ने प्रकृति के बीच समय बिताया, पक्षियों को निहारा, Seed Balls बनाए और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ने का प्रेरणादायक अभियान बन गया।

Jun 6, 2026 - 16:51
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जब Corporate Employees बने ‘Eco Warriors’: Jhalana Forest में Nature Walk से लेकर Seed Ball Campaign तक गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश

अनन्य सोच। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर Eco Rescuers Foundation और Accenture Team ने संयुक्त रूप से झालाना वन क्षेत्र में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में एक्सेंचर के लगभग 50 कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम की शुरुआत Nature Walk और Bird Watching Session से हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने झालाना की जैव विविधता को करीब से देखा और प्रकृति के महत्व को समझा। इसके साथ ही Mindfulness Activities के माध्यम से प्रकृति और मानसिक संतुलन के बीच गहरे संबंध को भी अनुभव किया गया।

फाउंडेशन के सचिव डॉ. गौरव चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यवहारिक रूप से जागरूक बनाना था। इस दौरान सेवानिवृत्त वन अधिकारी महेश विजयवर्गीय ने विकास की दौड़ में प्रकृति को हो रहे नुकसान और उसके दूरगामी प्रभावों पर प्रकाश डाला।

वहीं वन्यजीव विशेषज्ञ कपिल ने प्रतिभागियों को जंगली जीवों और उनके संरक्षण की जानकारी दी। योग गुरु मनीष केसरी ने योग और प्रकृति के संबंध को समझाते हुए स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया, जबकि रितेश ने सभी को Seed Balls Making Activity सिखाई, जिससे भविष्य में हरियाली बढ़ाने की दिशा में योगदान दिया जा सके।

कार्यक्रम के अंत में आयोजित Environment Quiz में विजेताओं को Jute Bags प्रदान किए गए। साथ ही सभी प्रतिभागियों ने Single Use Plastic का उपयोग न करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

आयोजकों के अनुसार, वन विभाग के सहयोग से आयोजित यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि समाज और संस्थाएं मिलकर प्रयास करें तो पर्यावरण संरक्षण एक आंदोलन का रूप ले सकता है।