स्वाइन फ्लू पर सघन निगरानी, एक पद पर एक से ज्यादा लोग नहीं: चिकित्सा मंत्री खींवसर ने दिए सख्त निर्देश
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू सहित मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर समीक्षा बैठक की, अस्पतालों में स्टाफ व दवाइयों की उपलब्धता पर दिया जोर।
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने स्वास्थ्य भवन में मौसमी बीमारियों की रोकथाम व बचाव गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की।
डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, स्क्रबटाइफस के साथ स्वाइन फ्लू पर विशेष सतर्कता व सघन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
फर्स्ट रैफरल यूनिट्स व ट्रोमा सेंटर्स में तीन चिकित्सकों की ट्रायो पूर्ण करने तथा एक पद पर एक से अधिक व्यक्ति न रखने पर दिया जोर।
जहां सीटी-एमआरआई सेवाएं उपलब्ध नहीं, वहां पीपीपी मोड पर शुरू करने तथा मानव संसाधन की कमी वाले संस्थानों की रिपोर्ट 3 दिन में मांगी।
रामदेवरा मेले के लिए जैसलमेर CMHO को मांग अनुरूप स्टाफ व सुविधाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश।
बारिश के मौसम में बढ़ी सतर्कता
अनन्य सोच। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मंगलवार को स्वास्थ्य भवन में बारिश के मौसम में फैलने वाली बीमारियों डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, स्क्रबटाइफस तथा स्वाइन फ्लू से बचाव एवं रोकथाम गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी संयुक्त निदेशकों एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रो-एक्टिव दृष्टिकोण के साथ विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए तथा हाई रिस्क क्षेत्रों में टीम बनाकर नियमित निगरानी करने को कहा।
स्वाइन फ्लू पर विशेष फोकस
मंत्री ने कहा कि स्वाइन फ्लू से बचाव एवं रोकथाम गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने इस बीमारी पर नियंत्रण के लिए सघन मॉनिटरिंग करने तथा उपचार व जांच सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। समीक्षा बैठक में चिकित्सा संस्थानों में उपकरणों, जांच सुविधाओं और दवाइयों की उपलब्धता को लेकर भी सभी संयुक्त निदेशकों से संभागवार चर्चा कर फीडबैक लिया गया।
अस्पतालों में मानव संसाधन पर सख्ती
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि प्रदेशभर की फर्स्ट रैफरल यूनिट्स एवं ट्रोमा सेंटर्स में आवश्यक तीन चिकित्सकों की ट्रायो व्यवस्था पूरी होनी चाहिए। साथ ही हर चिकित्सा संस्थान में जरूरी जांच, दवाइयों की उपलब्धता तथा उपकरणों की क्रियाशीलता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि अधिकांश उच्च चिकित्सा संस्थानों में सीटी-एमआरआई जांच सेवाएं पहले से उपलब्ध हैं, जबकि जिन संस्थानों में यह सुविधा नहीं है, वहां इसे पीपीपी मोड पर शुरू किया जाएगा। उन्होंने मरीजों की संख्या के अनुसार चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को नियोजित करने के भी निर्देश दिए।
एक पद पर एक से अधिक कर्मचारी नहीं
मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में एक पद पर एक से अधिक व्यक्ति कार्यरत नहीं रहने चाहिए। जिन चिकित्सा संस्थानों में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मानव संसाधन नियोजित नहीं है, वहां के संयुक्त निदेशकों को आगामी तीन दिन में इसकी रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा हब एंड स्पोक मॉडल के माध्यम से जिलों में उपलब्ध कराई जा रही जांच सेवाओं पर भी फीडबैक मांगा गया।
रामदेवरा मेले के लिए विशेष व्यवस्था
चिकित्सा मंत्री ने जैसलमेर जिले में आयोजित होने वाले रामदेवरा मेले के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मांग के अनुरूप स्टाफ एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि मेले के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में कोई कमी न रहे।
कई अहम योजनाओं पर हुई प्रस्तुति
बैठक में संबंधित नोडल अधिकारियों ने रेफरल प्रबंधन के लिए सेतु एप के उपयोग, टीबी मुक्त भारत अभियान, एचपीवी टीकाकरण, शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पीसीटीएस प्रसव वॉच कार्यक्रम तथा आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन जैसे विषयों पर समीक्षात्मक प्रस्तुतियां दीं। बैठक में अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर तथा अतिरिक्त निदेशक अस्पताल प्रशासन डॉ. नरोत्तम शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।