राजस्थान को मिलेगी हाईस्पीड कनेक्टिविटी की सौगात
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल से आरआरटीएस परियोजना को मिली रफ्तार, दिल्ली से अलवर तक दौड़ेगी नमो भारत ट्रेन
अनन्य सोच। मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma की प्रतिबद्धता और सक्रिय पहल से राजस्थान को देश के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम आगे बढ़ा है। राज्य सरकार और हरियाणा सरकार के बीच बनी सहमति के बाद अब दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर कॉरिडोर के माध्यम से राजस्थान में Namo Bharat Train का संचालन संभव हो सकेगा। इससे प्रदेश की आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।
प्रस्तावित RRTS Project (नेटवर्क) नई दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर मुनिरका, एरोसिटी, गुरुग्राम, बावल होते हुए एसएनबी से खैरथल और अलवर तक पहुंचेगा। वहीं इसका दूसरा हिस्सा नीमराणा और बहरोड़ होते हुए सोतानाला तक विस्तारित किया जाएगा। इस परियोजना से भिवाड़ी, नीमराणा और एनसीआर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा तथा निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
राजस्थान में बनेगा 91 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर (Delhi Alwar Corridor)
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर और दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर को नमो भारत नेटवर्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें से दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर का संचालन पहले ही शुरू हो चुका है। पूरे प्रोजेक्ट के तहत कुल 196 किलोमीटर लंबा नेटवर्क और 22 मुख्य स्टेशन प्रस्तावित हैं। राजस्थान में इस परियोजना की लंबाई 91 किलोमीटर होगी, जिसमें 6 स्टेशन बनाए जाएंगे।
(Rapid Rail Rajasthan) आरआरटीएस ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे दिल्ली और राजस्थान के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी। यह नेटवर्क डेडिकेटेड और एलिवेटेड कॉरिडोर पर संचालित होगा, जिससे सड़क यातायात और जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
सराय काले खां बनेगा मुख्य ट्रांजिट हब
तीनों नमो भारत कॉरिडोर्स को इंटर-ऑपरेबल बनाया जा रहा है, ताकि यात्री एक कॉरिडोर से दूसरे कॉरिडोर तक बिना रुकावट यात्रा कर सकें। दिल्ली का सराय काले खां स्टेशन इस पूरे नेटवर्क का मुख्य जंक्शन होगा। साथ ही इस नेटवर्क को रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, एयरपोर्ट और दिल्ली मेट्रो से भी जोड़ा जाएगा।
मेट्रो से तीन गुना तेज होगा आरआरटीएस
आरआरटीएस को सार्वजनिक परिवहन का अत्याधुनिक मॉडल माना जा रहा है। इसकी ट्रेनें मेट्रो की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक गति से संचालित होंगी। जहां मेट्रो शहर के भीतर आवागमन का माध्यम है, वहीं आरआरटीएस आसपास के शहरों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक ढंग से जोड़ने का कार्य करेगी। (Rajasthan Infrastructure) यह परियोजना राजस्थान में औद्योगिक विकास और आधुनिक आधारभूत संरचना के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।