'दम मारो दम' पर झूमा जयपुर, सजी पंचम दा की संगीतमय श्रद्धांजलि

जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में शनिवार शाम कुछ ऐसा हुआ कि श्रोता पुराने सुनहरे दौर में खो गए। 'हरे रामा हरे कृष्णा' और 'दम मारो दम' जैसे गीतों ने पूरे माहौल को जोश से भर दिया — जानिए इस यादगार Musical Evening की पूरी कहानी।

Jun 27, 2026 - 17:37
Jun 27, 2026 - 17:38
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'दम मारो दम' पर झूमा जयपुर, सजी पंचम दा की संगीतमय श्रद्धांजलि

अनन्य सोच। हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर को समर्पित शनिवार की शाम जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में आयोजित 'Hits of R.D. Burman and Asha Bhosle' कार्यक्रम ने श्रोताओं को पंचम दा और आशा भोसले के सुनहरे दौर की यादों से रूबरू करा दिया। Sargam Ladies Music Group की प्रस्तुति में नीरजा इंटरनेशनल की फाउंडर डॉ. लीला बोरड़िया मुख्य अतिथि तथा राजस्थान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। सुपरिचित Versatile Singer मुक्ता चड्ढा के डायरेक्शन में आयोजित इस संगीतमय संध्या में शहर की 20 गायिकाओं ने सदाबहार गीतों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ, फिर गूंजे एक के बाद एक हिट गाने

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद अनुराधा माथुर, विशाखा गहलोत, ममता झा, संध्या असवाल, प्रिया बोथरा, पूनम जैन, निशा शर्मा, ऋतु श्रीवास्तव, कोपल माथुर, नीलू जोशी, निधि बलाना, मालती सिंह, भावना कश्यप, रेनू माथुर, मीरा सक्सेना, डॉ. राशि अग्रवाल, प्रियंका शर्मा, इला कुलश्रेष्ठ तथा स्वाति श्रीमाल ने 'आंखों से जो उतरी है दिल में', 'मौसम मस्ताना', 'कितने भी तू कर ले सितम', 'तू तू है वही', 'ओ मेरे सोना रे' सहित पंचम दा और आशा भोसले के अनेक लोकप्रिय गीतों की दमदार प्रस्तुतियां दीं।

मुक्ता चड्ढा की 'दम मारो दम' ने जीता दिल, श्रोता झूमने को हुए मजबूर

सुपरिचित सिंगर मुक्ता चड्ढा ने अपने सधे हुए स्वर और Stage Confidence से पूरे आयोजन को नई ऊंचाई दी। उनकी 'दम मारो दम' की प्रस्तुति ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। समापन पर संध्या असवाल के साथ प्रस्तुत 'हरे रामा हरे कृष्णा' ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया, जिसके बाद दोनों कलाकारों को देर तक तालियां मिलती रहीं।

सामूहिक स्वरांजलि से हुआ भावुक समापन

अंतिम चरण में सभी गायिकाओं ने 'जीवन के हर मोड़ पर', 'आती रहेंगी बहारें' और 'आने वाला पल जाने वाला है' जैसे Group Songs के माध्यम से आर.डी. बर्मन को सामूहिक स्वरांजलि दी। कार्यक्रम का संचालन अनुराधा माथुर ने किया, जबकि सफल आयोजन में उषा अग्रवाल का अहम योगदान रहा।