अब बिजली बचाने वाले भवनों को मिलेगा बड़ा इनाम! जानें राजस्थान में लागू होने जा रहे नए नियम की पूरी डिटेल

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने की राजस्थान एनर्जी कंजर्वेशन एंड सस्टेनेबल बिल्डिंग कोड-2026 की समीक्षा, मानक पूरे करने वाले भवनों को मिलेगा 10% तक एक्स्ट्रा बिल्ट एरिया

Jun 21, 2026 - 07:52
Jun 21, 2026 - 07:52
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अब बिजली बचाने वाले भवनों को मिलेगा बड़ा इनाम! जानें राजस्थान में लागू होने जा रहे नए नियम की पूरी डिटेल

अनन्य सोच। प्रदेश में अब इमारतें भी होंगी ‘ग्रीन’ और ‘स्मार्ट’! राजस्थान सरकार भवन निर्माण क्षेत्र में एनर्जी एफिशिएंसी (Energy Efficiency) और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही एक बड़ा बदलाव लाने जा रही है। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (Rajasthan Renewable Energy Corporation) द्वारा जल्द ही राजस्थान एनर्जी कंजर्वेशन एंड सस्टेनेबल बिल्डिंग कोड (Energy Conservation and Sustainable Building Code) लागू किया जाएगा, जिससे व्यावसायिक भवनों के निर्माण की दिशा ही बदल जाएगी।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शनिवार को विद्युत भवन में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कोड तथा रूल्स-2026 (Rules-2026) के प्रारूपों की विस्तृत समीक्षा की और इसे जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।

किन भवनों पर होगा लागू

यह नया कोड उन व्यावसायिक भवनों (Commercial Buildings) पर लागू होगा जिनका बिल्ड अप एरिया 2000 वर्ग मीटर या कनेक्टेड लोड 100 किलोवाट या उससे अधिक है। साथ ही कनेक्टेड डिमांड 120 केवीए या उससे अधिक होने वाले भवन भी इसके दायरे में आएंगे।

मानक पूरे करने पर मिलेगा बड़ा फायदा

सबसे खास बात यह है कि कोड के प्लस मानकों का पालन करने वाले भवनों को 5 प्रतिशत और सुपर बिल्डिंग कोड मानकों को पूरा करने वाले भवनों को पूरे 10 प्रतिशत अतिरिक्त बिल्ट एरिया रेश्यो (Built Area Ratio) का प्रोत्साहन दिया जाएगा - जो बिल्डर्स और डेवलपर्स के लिए बड़ा आकर्षण साबित होगा।

सोलर एनर्जी और EV चार्जिंग होगी जरूरी

भवनों को अनुबंधित बिजली मांग का 4 प्रतिशत या छत के 50 प्रतिशत हिस्से को सोलर एनर्जी (Solar Energy) के लिए आरक्षित करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए अलग चार्जिंग और पार्किंग व्यवस्था भी करनी होगी। नियम तोड़ने पर रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपोजिट और पेनल्टी का भी प्रावधान रखा गया है।

निगम अध्यक्ष रोहित गुप्ता ने बताया कि अब तक 50 से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं और आमजन से और सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। आखिर इस कोड से आम आदमी और बिल्डरों को कितना फायदा होगा, यह जानने के लिए बने रहें।