वियतनाम में गूंजेगी जयपुर की कविता
जयपुर के वरिष्ठ कवि एवं गीतकार कन्हैयालाल भ्रमर को वियतनाम में आयोजित होने वाले International Literature Festival में काव्यपाठ के लिए विशेष आमंत्रण मिला है। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि राजस्थान के साहित्य जगत के लिए भी गौरव का विषय मानी जा रही है।
अनन्य सोच। राजस्थान की साहित्यिक प्रतिभा अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जा रही है। जयपुर के चर्चित कवि एवं गीतकार कन्हैयालाल भ्रमर 19 से 23 जून तक वियतनाम के होचीमिन्ह शहर में आयोजित होने वाले पांच दिवसीय International Literature Festival में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए काव्यपाठ करेंगे। इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
यह अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव विश्व शांति, विश्व बंधुत्व और मानवीय मूल्यों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहेगा। आयोजन का संचालन सर्वभाषा संस्कृति समिति के वैश्विक अध्यक्ष एवं विख्यात साहित्यकार पंडित सुरेश नीरव तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है।
महोत्सव में भारत के विभिन्न राज्यों से चयनित कवि, साहित्यकार, चिंतक और सांस्कृतिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। यह मंच भारतीय साहित्य, संस्कृति और विचारधारा को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। कन्हैयालाल भ्रमर अपनी कविताओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति की संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों को अंतरराष्ट्रीय श्रोताओं तक पहुंचाएंगे। साहित्य जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यह सहभागिता न केवल कन्हैयालाल भ्रमर की रचनात्मक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि जयपुर और राजस्थान की साहित्यिक पहचान को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगी। अब साहित्य प्रेमियों की नजरें उस क्षण पर टिकी हैं, जब वियतनाम की धरती पर जयपुर की कविता विश्व मंच पर गूंजेगी।