किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: Kota-Bundi की नहरों में अब दौड़ेगा 5000 Cusec पानी, खरीफ फसलों को मिलेगा जीवनदान

Kota, Bundi और Baran के किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। Lok Sabha Speaker Om Birla की पहल पर Madhya Pradesh सरकार ने Gandhi Sagar Dam और Rana Pratap Sagar Dam से अतिरिक्त 3000 Cusec Irrigation Water छोड़ने का फैसला किया है। इससे अब नहरों में कुल 5000 Cusec पानी पहुंचेगा और Kharif Crops को समय पर सिंचाई मिल सकेगी।

Jul 20, 2026 - 23:16
Jul 21, 2026 - 08:54
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किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: Kota-Bundi की नहरों में अब दौड़ेगा 5000 Cusec पानी, खरीफ फसलों को मिलेगा जीवनदान

अनन्य सोच। कमजोर मानसून के बीच Kota-Bundi अंचल के किसानों के लिए बड़ी राहत का ऐलान हुआ है। Lok Sabha Speaker Om Birla की पहल पर Madhya Pradesh Chief Minister Dr. Mohan Yadav से हुई चर्चा के बाद Gandhi Sagar Dam से 2000 Cusec और Rana Pratap Sagar Dam से 1000 Cusec अतिरिक्त सिंचाई जल नहरों में छोड़ने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के बाद क्षेत्र की नहरों में पानी का प्रवाह 2000 Cusec से बढ़कर 5000 Cusec हो जाएगा।

दरअसल, इस वर्ष कमजोर Monsoon के कारण Rana Pratap Sagar Dam का जलस्तर सामान्य से कम रहा, जिससे Canal Irrigation System प्रभावित हुआ और किसानों के सामने खरीफ फसलों की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया। ऐसे समय में लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश सरकार से लगातार संवाद किया।

यह महज दस दिनों में दूसरी बार है, जब उनकी पहल पर Gandhi Sagar Dam से अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले 10 जुलाई को किसानों ने सिंचाई संकट को लेकर उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद उनके प्रयासों से तत्काल 1800 Cusec अतिरिक्त पानी छोड़ा गया था। अब किसानों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए 3000 Cusec और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav के निर्देश पर जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने भी क्षेत्रीय विकास आयुक्त CAD Anil Kumar Agrawal को शीघ्र अतिरिक्त 2000 Cusec पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। वहीं सोमवार को Rana Pratap Sagar Dam से 1000 Cusec अतिरिक्त पानी भी छोड़ा गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से Kharif Season की प्रमुख फसलों को समय पर सिंचाई मिल सकेगी, जिससे उत्पादन पर पड़ने वाला असर काफी हद तक कम होगा। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है और बांधों का जलस्तर बढ़ता है, तो किसानों को इससे भी अधिक पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। फिलहाल यह फैसला Kota, Bundi और Baran के हजारों किसानों के लिए बड़ी राहत और उम्मीद लेकर आया है