सातवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट पर बड़ा अपडेट: डेटा क्वालिटी को लेकर अध्यक्ष सख्त, गांव-शहर की तस्वीर बदलने वाली सिफारिशें तैयार!

Jul 4, 2026 - 07:36
Jul 4, 2026 - 07:38
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सातवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट पर बड़ा अपडेट: डेटा क्वालिटी को लेकर अध्यक्ष सख्त, गांव-शहर की तस्वीर बदलने वाली सिफारिशें तैयार!

अनन्य सोच। राज्य की पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों को आने वाले वर्षों में कितना फंड मिलेगा, इसका खाका अब आकार लेने लगा है। सप्तम राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट को लेकर शुक्रवार को हुई अहम बैठक में कई बड़े मुद्दों पर मंथन हुआ, जिसका सीधा असर आने वाले समय में गांव और शहर के विकास कार्यों पर पड़ेगा।

जयपुर स्थित वित्त भवन में शुक्रवार को सप्तम राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) की प्रक्रियाधीन रिपोर्ट की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोगाध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई। बैठक की शुरुआत में सदस्य सचिव नरेश कुमार ठकराल ने 13वें केंद्रीय वित्त आयोग (Central Finance Commission) द्वारा सुझाए गए टेम्पलेट को साझा करते हुए रिपोर्ट का प्रस्तुतिकरण किया।

समीक्षा के दौरान डॉ. चतुर्वेदी ने पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों से मिल रहे आंकड़ों पर गहरी नजर डालते हुए अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि डेटा क्वालिटी (Data Quality) से किसी भी सूरत में समझौता न हो। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता ही रिपोर्ट की नींव है, इसलिए हर स्तर पर सख्त क्वालिटी टेस्टिंग जरूरी है।

बैठक में मौजूद अधिकारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्व-राजस्व वृद्धि (Self-Revenue Growth), पर्यावरण संरक्षण, बालिका शिक्षा, टैक्स कलेक्शन में पारदर्शिता, परिसंपत्ति डेटा संकलन, चारागाह भूमि संरक्षण और ग्राम पंचायत स्तर पर बिलिंग सिस्टम को मजबूत बनाने जैसे अहम सुझाव रखे।

सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि आयोग अध्यक्ष ने स्थानीय निकायों के प्रशासनिक ढांचे की जमीनी हकीकत जानने के लिए गहन अध्ययन के निर्देश दिए, ताकि रिपोर्ट सिर्फ कागजी न रहकर व्यावहारिक बने। साथ ही ग्राम सभाओं में जन-भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एक बहुआयामी वित्तीय हस्तांतरण फॉर्मूला (Financial Devolution Formula) तैयार करने पर भी विचार हुआ, जो आने वाले समय में फंड बंटवारे की दिशा तय करेगा।

अध्ययन दल ने रिपोर्ट के विभिन्न अध्यायों की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की। अंत में डॉ. चतुर्वेदी ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने की हिदायत दी।