'अल्फा' रिव्यू: आलिया भट्ट के दमदार एक्शन के बावजूद क्यों अधूरी रह गई ये स्पाई फिल्म
YRF Spy Universe की पहली महिला-प्रधान फिल्म आज सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। ₹100 करोड़ के बजट और स्टार कास्ट के दम पर बड़ी उम्मीदों के साथ आई 'अल्फा' असल में कितनी खरी उतरी, जानिए पूरा रिव्यू।
रेटिंग: ⭐⭐ (2/5)
अनन्य सोच । YRF Spy Universe में अब तक टाइगर और पठान जैसे मेल-सेंट्रिक किरदार छाए रहे, लेकिन इस बार यूनिवर्स ने अपना पहला महिला-केंद्रित एक्शन थ्रिलर 'अल्फा' पेश किया है। डायरेक्टर शिव रावैल के डेब्यू वाली इस फिल्म में आलिया भट्ट और शार्वरी लीड रोल में हैं, जबकि अनिल कपूर, बॉबी देओल और हृथिक रोशन (कैमियो) जैसे बड़े नाम भी फिल्म का हिस्सा हैं। लेकिन क्या स्टार कास्ट और भारी-भरकम बजट फिल्म को हिट बना पाए? आइए जानते हैं।
फिल्म की कहानी सीता (आलिया भट्ट) की है, जिसे बचपन से ही एक ट्रेंड किलर बनाया गया है। उसका सौतेला पिता (बॉबी देओल) एक गैरकानूनी सोल्जर प्रोग्राम चला रहा है, जिसे खत्म करने की कोशिश में सीता की टक्कर एक और खतरनाक हत्यारिन (शार्वरी) से होती है। स्टोरी में RAW एजेंसी, पाकिस्तान एंगल और पर्सनल रिवेंज जैसे तत्व मिलाए गए हैं।
फिल्म का पहला हाफ दमदार है – एक्शन सीक्वेंस शानदार हैं, विजुअल्स प्रीमियम फील देते हैं और आलिया-शार्वरी की फाइट सीक्वेंस में जबरदस्त एनर्जी नजर आती है। हृथिक रोशन का कैमियो थिएटर में तालियां बटोरता है। लेकिन इंटरवल के बाद कहानी लड़खड़ाने लगती है। स्क्रिप्ट पुराने YRF Spy Universe फॉर्मूले को ही दोहराती नजर आती है, बिना कोई नया ट्विस्ट जोड़े। लॉजिक की कमियां, प्रेडिक्टेबल कहानी और इमोशनल डेप्थ की कमी फिल्म को कमजोर करती हैं। देशभक्ति का एंगल भी दर्शकों के दिल को छू नहीं पाता।
एक्टिंग की बात करें तो आलिया भट्ट ने एक्शन और इंटेंस सीन्स में पूरी जान लगा दी है, उनकी बॉडी लैंग्वेज और स्क्रीन प्रेजेंस दमदार है। शार्वरी भी ठीक-ठाक रहीं, लेकिन उनका किरदार बैकग्राउंड में ही सिमट गया। सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर जैसे टेक्निकल पहलू मजबूत हैं।
कुल मिलाकर 'अल्फा' सिर्फ बड़े स्केल के एक्शन और ग्लैमर के शौकीनों के लिए टाइमपास साबित हो सकती है, लेकिन 'धुरंधर' जैसी मजबूत स्क्रिप्ट की उम्मीद रखने वालों को निराशा हाथ लग सकती है।
रिपोर्ट: अनन्य सोच मीडिया ग्रुप